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दर्जनों एम ओ यू उद्योग नहीं लगाया किसी ने

 

 

जांजगीर-चांपा 24HNBC

जिले में उद्योग स्थापित करने के लिए देश की नामी कंपनियों ने रुचि दिखाते हुए राज्य शासन से वर्ष 2008 - 09 में एमओयू किया था। जिला प्रशासन ने औद्योगिक घरानों को जमीन का आवंटन भी किया। दो दर्जन संयंत्र स्थापित करने के लिए 5,810 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया। इनमें से 4,093 एकड़ किसानों की निजी भूमि है। जबकि 1717 एकड़ शासकीय भूमि है। 12 साल हो जाने के बाद भी ज्यादातर उद्योग स्थापित नहीं हो सके। सयंत्र शुरू नहीं होने के चलते अब जमीन वापसी की मांग उठने लगी है।जिले में वर्ष 2008 - 9 से कोयला आधारित पावर संयत्र खोलने के लिए दो दजर्न से अधिक कंपनियों के साथ राज्य सरकार ने एमओयू किया था और जिले में लगभग 8 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन होना था। इसके लिए सरकार ने 5810 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया। इनमें से 4093 एकड़ किसानों की भूमि है। जबकि 1717 एकड़ शासकीय भूमि है। मगर 12 साल बाद भी ज्यादातर सयंत्रों के निर्माण के लिए एक ईंट भी नहीं रखी जा सकी है। इस दौरान केएसके महानदी पावर प्लांट, आरकेएम, एथेना व डीबी पावर प्लांट सहित गिनती के प्लांट ही शुरू हो सके। मगर इनमें से एथेना प्लांट कुछ माह चलने के बाद बंद हो गया। जबकि केएसके महानदी प्लांट भी कर्ज में होने के कारण मामला एनसीएलटी में है और यह बिकने के कगार पर है। जबकि ज्यादातर सयंत्रों का काम अभी भूमि अधिग्रहण से आगे नहीं बढ़ सका है। कई कंपनियों ने तो काम भी समेट लिया है।