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महिला सरपंच ने आज तक जमा नहीं किया सरकारी खजाने का मोटा माल
- By 24hnbc --
- Thursday, 25 Feb, 2021
बिलासपुर 24 hnbc.
बिलासपुर। एक तरफ राज्य सरकार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से कर्ज ले रही है। आय बढ़ाने में सक्षम नहीं हो पा रही है । खर्च घट नहीं रहा है नागरिकों को राहत नहीं मिल रही है यदि सरकार पूर्व जनप्रतिनिधियों की डिफॉल्ट राशि को वसूले तो सरकार के खजाने में 15 दिन की मेहनत मात्र से अरबों रुपए इकट्ठा हो जाएगा। हम यह बात हवा में नहीं कर रहे हैं, बिल्हा का सिरगिट्टी क्षेत्र जो पहले ग्राम पंचायत था कि सरपंच केसरी इंगोले के ऊपर ऑडिट रिपोर्ट 2006 के मुताबिक 16 लाख 28 हजार 398 रुपए की रिकवरी थी जिसका लेखा नहीं मिलता 2007 में तत्कालीन सीईओ ने उक्त राशि प्राप्ति के लिए फाइल चलाई थी जो बाद में गुम हो गई उसी दौरान 9/10 / 2009 में सूचना के अधिकार के तहत ऑडिट रिपोर्ट और रिकवरी नोटिस बताता है कि सरपंच केसरी इंगोले ने मूलभूत राशि की 397000 रुपए ऋण राशि का 491000 रुपय तालाब, विज्ञापन और अन्य गड़बड़ियों को मिलाकर लगभग 16 लाख 28 हजार रुपए की गड़बड़ी की थी उसके बाद जब वे नगर पंचायत में निर्वाचित हो गई तब उस कार्यकाल में 8 लाख का देनदारी और दोनों राशि आज तारीख तक सरकारी खजाने में वापस नहीं हुई है। 16 लाख रुपए की रकम वर्ष 2008 की है और 8 लाख की रकम वर्ष 2013-14 की है इसी तरह महमंद का पूर्व सरपंच नीरज राय के ऊपर लगभग 3 करोड रुपए की देनदारी बनती है । यदि जिला प्रशासन जिला प्रशासन सीईओ मात्र 15 दिन तक अभियान चला दे तो सरकारी खजाने में रुपयों की बारिश हो जाएगी। आम नागरिक यदि बिजली का दो-तीन माह तक बिल नहीं भरता तो उसका कनेक्शन काट दिया जाता है। नगर निगम का संपत्ति कर न देने वाले का नाम सार्वजनिक किया जाता है आम नागरिकों को जब कोई छूट प्राप्त नहीं है तो जनप्रतिनिधि जो निर्वाचित होकर शपथ लेते हैं उन्हें विशेष छूट क्यों मिलती है। सरकार को चाहिए कि पूरे प्रदेश के अंदर जनप्रतिनिधियों की देनदारी पर संज्ञान ले और प्रदेश की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाएं इससे केवल खजाना ही नहीं भरेगा कांग्रेस का वोट बैंक भी बढ़ेगा ।


