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कुंठा और कलह फैलाने से ही मिलती है लंबी सत्ता
- By 24hnbc --
- Sunday, 30 Aug, 2026
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बिलासपुर, 30 अगस्त 2026।
पर्व त्योहारों के समय झगड़ा हो जाते हैं या ये घटना सुनियोजित होती है। इसे समझने के लिए ज्यादा पीछे नहीं समकालीन घटनाओं पर नजर डालनी पड़ती है। दो शब्द कुंठा और कलह पिछले एक दशक से दक्षिणपंथी नेता इन्हीं दो शब्दों पर खेल रहे हैं। समाज के एक वर्ग को सुनियोजित तरीके से कुंठा ग्रस्त किया गया और बड़े वर्ग कलह प्रेमी बना दिया गया और यह सब केवल इसलिए किया गया कि वे और उनके मित्र अपने आर्थिक विकास को हमारी विपन्नता पर खड़ा कर सके। आज बाजार में शक्कर, तेल, आटा, चावल, सब कुछ तेजी से दाम बदल रहा है। एक ही महीने में दम 2 गुना हो जाता है पर इन मुद्दों पर विचार न करके तनाव फैलाना एक सुनियोजित तरीका है असल मुद्दों से ध्यान भटकने का... ज्यादा पीछे नहीं जाएं कांग्रेस शासन काल के समय कवर्धा जिले में प्रयोगशाला खुल गई। कुंठा और कलह का एक ऐसा केमिकल तैयार हुआ जिसने राजनीतिक बाजी पलट दी। वह प्रयोग कवर्धा से मुंगेली आया और बिलासपुर के ब्लॉक तखतपुर तक आजमाया गया। राजनीति में प्रतिनिधित्व के आरक्षण वाले एक वर्ग को सीधा सत्ता से भीढा दिया गया। यहां तक के इस वर्ग के लोगों ने राजधानी में नग्न प्रदर्शन किया। परिणाम मिला सरकार बदल गई पर प्रयोग कहां रुकने वाला था परिणाम फिर दिखा बलौदा बाजार में कलेक्ट्रेट धू धू कर कर जला। कारणों की जांच होगी आगे ऐसी घटना ना हो पर सुझाव लिए जाएंगे। न्यायिक आयोग का गठन हो गया 3 महीने में जांच की रिपोर्ट आएगी। कितने 3 महीने बीत गए अब तो आयोग का कार्यकाल बढ़ाने की खबर अखबार में स्थान नहीं पाती। इस बीच में क्रोनिक पूंजीवाद ने सड़क को छोड़ जंगल का रास्ता पकड़ा। बस्तर हो या हसदेव हर जगह जल, जंगल, जमीन और भूगर्भ के नीचे छुपा हुआ अकूत खजाना हासिल करना है हर स्थिति में... जो विरोध करें उसे वहीं पर हर तरीके से निपटा दिया जाएगा। सोशल मीडिया कितना भी सोशल हो पर युटुब, फेसबुक, इंस्टाग्राम पर जंगल में हाथी ने खेत चर दिया की खबर तो मिल जाएगी पर सेठ ने कोयला चरा, हीरा चरा, अभ्रक खाई की खबर नहीं मिलेगी। कहां जा रहा है कि इन दोनों जंगल में आदिवासी अपने हितों के लिए फिर से लाम बंद हो रहे हैं पर वे प्रभावशाली हो उनकी लामबंदी को सोरास और दिमागी नक्सली से जोड़ दिया जाएगा। अकूट लूट के बाद भी इनका कर्ज माफ हो जाएगा और उसका भुगतान आम हिंदुस्तानी करेगा प्रीमियम देकर... और हम और आप शक्कर की रेट की जगह हम गाय बैल और शेर की चक्कर में उलझे रहेंगे।


