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स्वैच्छिक संस्थाएं दोषी किंतु विभाग बेदाग
- By 24hnbc --
- Friday, 22 Jan, 2021
बिलासपुर 24 एच एन बी सी।
प्रदेश की 70% आबादी का देखभाल करने वाला विभाग खुद बीमारियों से भरा पड़ा है किंतु इस विभाग को ठीक करने का उत्तरदायित्व कोई नहीं लेता यदि आप नहीं समझ पा रहे तो इसे सीधे शब्दों में लिखें महिला एवं बाल विकास विभाग के पास ना केवल महिलाओं के उत्थान के कार्यों की क्रियान्वयन की जिम्मेदारी है साथ ही इसी विभाग के पास बाल विकास योजनाएं भी हैं कहने को बिलासपुर कार्यालय में भारी-भरकम अधिकारी एवं कर्मचारियों का अमला है लेकिन योजनाओं पर मॉनिटरिंग ना के बराबर है पिछले 8 माह में इस विभाग में तीन स्वैच्छिक संस्थाओं ने काम बंद कर दिया दो स्वैच्छिक संस्थाएं ब्लैक लिस्टेड हुई किंतु किसी भी मामले में अधिकारियों के विरुद्ध कोई जांच नहीं हुई जबकि अपना होम स्वैच्छिक संस्था के संचालक ने तो कमीशन खोरी का खुल्लम-खुल्ला आरोप लगाया था उन्होंने कहा था कि अनुदान देने के एवज में एक बड़ी धनराशि की मांग की गई धनराशि नहीं मिलने पर सेंटर को बंद कर दिया गया 2 दिन पूर्व उज्वाला होम के अंदर जो कुछ हो रहा था उसकी कलाई खुली पीड़ित युवतियों ने न्यायालय में 164 का बयान दर्ज कराया और पुलिस ने कार्यवाही कर दी किंतु इस बीच में किसी ने यह नहीं पूछा की उज्वाला केंद्र पर महिला बाल विकास विभाग से जो लोग मॉनिटरिंग करने जाते हैं उन्होंने इतने दिनों में क्या क्या कमी पाई इसी तरह जिले में बाल संरक्षण अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध है नूतन चौक पर बाल संप्रेक्षण गृह में भी बड़ी अनियमितताएं हैं यहां तक की आप आपा चारी ने आत्महत्या भी की किंतु इन सब कांडों के बाद विभाग के उत्तरदाई अधिकारियों के विरुद्ध आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई ऐसा लगता है की राजधानी में बैठे जिम्मेदार लोगों की संवेदना समाप्त हो चुकी हैं तभी तो जिम्मेदार अधिकारी लगातार गलती पर गलती करता है और जांच भी नहीं होती लोगों का यहां तक कहना है कि जैसा कुछ उज्वला होम में चल रहा था वैसा ही कुछ महिला बाल विकास विभाग में भी हो रहा है किंतु शिकायतों के बाद भी उत्तरदाई बच निकलते हैं।


