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तालाब को खाने में कोई नहीं पीछे, राम को भी नहीं छोड़ा

बिलासपुर( 24 एच एन बी सी) :-

25 मई 1998 को जांजगीर चांपा जिले का गठन हुआ । तब 382/1 में राम बांधा का तालाब शासकीय रिकॉर्ड में 105 एकड़ था । उस समय के लोग यह बताते हैं कि मौके पर 10 - 15 एकड़ में ही कब्जा था । शेष तालाब हुआ करता था 2001 में छत्तीसगढ़ बना तब भी तालाब सागर के समान दिखाई देता था। 2003 के बाद से भू माफिया ने और तो और जिला प्रशासन ने इस तालाब पर अवैध कब्जे को जो सूर दिया आज तक जारी है। अब यह आधे से भी कम बचा है । क्षेत्र में हाईटेक बस स्टैंड एनकेएच जैसा बड़ा अस्पताल नगर पालिका जांजगीर चांपा का कार्यालय, एक तीन एकड़ का गार्डन और पूरा गौरव पथ जो पूरे 20 एकड़ में है । कई सौ मकान डीबी एवेंजर जैसे बड़े बिल्डर के ऑफिस इसी तालाब में मौजूद हैं। आमजन को विश्वास ही नहीं होता कि कई न्यायालयों के दर्जनों आदेश हैं इस संदर्भ में की तालाबों का संरक्षण किया जाना है ना कि भक्षण, किंतु राम के नाम पर राजनीति करने वाली भारतीय जनता पार्टी ने अपने कार्यकाल में इस तालाब का जब जमकर भक्षण किया । और इस खेल में जिला प्रशासन ने लंबा हनीमून मनाया। कई लोग तो इसे दांपत्य संबंध के समान मान चुके थे सड़क बनानी हो तो तालाब में , अस्पताल बनाना हो तो तालाब है, जाने कितनी बार भूमि व्यापवर्तन के नियमों को ठेंगा दिखाया गया होगा । यह बात कभी भी कोई जानना नहीं चाहता कि 105 एकड़ का तालाब के कागज के साथ सबसे पहली हेरा फेरी किसने की।