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पशु धन तस्करी मामले में होगी पूरी जांच, एक आरक्षक आखिरकार हुआ निलंबित
- By 24hnbc --
- Tuesday, 29 Jun, 2021
24 HNBC ( बिलासपुर )
समाचार:-
बिलासपुर। बिलासपुर जिले में संचालित हो रहा पशु तस्करी व्यवसाय पर अब पुलिस के आला अधिकारियों ने अपने ही विभाग के आरक्षक बबलू बंजारे को निलंबित कर दिया है। पिछले 1 हफ्ते से पशु तस्करी के धंधे में जो ऑडियो वायरल हो रहा था उसमें बबलू बंजारे का नाम बार-बार आ रहा था कोई उसे पुलिस अधिकारी का गनमैन तो कोई ड्राइवर बोलता था यहां तक की एक बार तो एक पुलिस अधिकारी ने किसी मीडिया पर्सन को अपने बयान में यह भी कहा कि किसी पुलिस अधिकारी के ड्राइवर का नाम बबलू बंजारे नहीं हैं। 24 एचएनबीसी ने दावे के साथ कहा था कि बबलू बंजारे ड्राइवर हो या आरक्षक है तो पुलिस विभाग में आखिर यह बात पूरी तरह खरी उतरी और पुलिस अधीक्षक ने हिर्री थाना के आरक्षक बबलू बंजारे को पशु तस्करी मामले में निलंबित कर दिया। अब सवाल यह उठता है कि पूरा मामला सकरी थाने के अंतर्गत ही क्यों घूम रहा है पशु तस्करी का एक मामला पचपेड़ी थाने का भी है वहां का भी एक ऑडियो बार-बार चर्चा का विषय बन रहा है और उसमें भी कारवाही लायक बात हो रही है। कहा जाता है कि इस थाने का भी एक सिपाही पशु तस्करी के मामले में घूम घूम कर वसूली करता था जिले के दो मुख्य मार्ग रायपुर पंडरीडीह बाईपास और मस्तूरी से रायपुर का बाईपास यह दोनों ही पशु तस्करी के मुख्य मार्ग हो गए हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस खेल में 1 महीने में एक थाने को 1 पेटी से अधिक का भुगतान होता है। कुछ लोग तो दावा करते हैं कि सट्टे से ज्यादा लाभ का धंधा पशु तस्करी है इस धंधे की शिकायत करने वालों का अपना भूत भी संदेह के घेरे में हैं सकरी थाने में शिकायतकर्ता जिसे सामाजिक कार्यकर्ता बताया जाता है के खिलाफ सिविल लाइन थाने में 4 साल पूर्व कई मामले दर्ज थे। यहां तक की उस समय के थाना टीआई जो पदोन्नत होकर सीएसपी बन गए हैं से इस सामाजिक कार्यकर्ता का अनबन चर्चा का विषय था और हाईवे पर एक से अधिक बार इसकी गाड़ियां पकड़ी गई बदले में उस समय स्वयं को मानव अधिकार कार्यकर्ता बताने वाले ने न्यायालय में संबंधित टीआई के खिलाफ एक परिवाद दाखिल कर दिया था बाद में यह परिवाद पंजीकृत हुआ या नहीं यह पता नहीं चल सका। आजकल मानव अधिकार कार्यकर्ता पशु अधिकारो के लिए लड़ते बताए जाते हैं कुल मिलाकर पशु तस्करी के बड़े दिग्गज इन दिनों फरार बताए जाते हैं पर इतने उठापटक के बावजूद तस्करी की गाड़ियां अभी भी निकलती बताई जाती है।


