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कोयले की अवैध तस्करी के लिए पहचान बनाने वाला शहर, कैसे तब्दील हो रहा पशु तस्करी के क्षेत्र में
- By 24hnbc --
- Saturday, 26 Jun, 2021
24 HNBC ( बिलासपुर )
समाचार:-
बिलासपुर। बिलासपुर जिला जो एक समय कोयला तस्करी के लिए महफूज माना जाता था। अब पशु तस्करी का केंद्र बनता जा रहा है यह बात गहन छानबीन की है कि जिस राज्य में गौ सेवा आयोग के साथ मुख्यमंत्री की महत्वकांक्षी योजना गठान संचालित है वहां पर इतने बड़े स्तर पर पशु तस्करी क्यों और कैसे हो रही है और इस पूरे अवैध कारोबार के पीछे किस उद्योग का हाथ है। हाल ही में बिलासपुर जिले में दो बार चौपाया पशुओं के परिवहन में लिप्त ट्रकों को पकड़ा गया कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई, ऐसा ही एक मामला रायगढ़ जिले में भी पकड़ा गया है मस्तूरी क्षेत्र इन दिनों चौपाया तस्करी का सुरक्षित क्षेत्र बन गया है। जानकार सूत्र बताते हैं कि एक ही व्यक्ति 1 महीने में 6 से 8 गाड़ियां पार कराता है एक गाड़ी के पीछे लगभग 1 लाख कमीशन बटता है । कई बार कमीशन का वितरण सही ना होने पर आखरी पॉइंट पर गाड़ी पकड़ ली जाती है मस्तूरी क्षेत्र में घूम घूम कर प्राप्त की गई जानकारी से जो तथ्य सामने आता है उससे पता चलता है कि गांव गांव से चौपाया सेन्दरी में एकत्र होता है और एक गाड़ी मॉल एकत्र होने पर मस्तूरी, मल्हार, पचपेड़ी, लवण होते हुए राजधानी चला जाता है। सेन्दरी से राजधानी तक की यात्रा में यदि बिलासपुर जिले के भीतर 1 लाख कमीशन का बट रहा है तो अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि राजधानी तक यह कमीशन कितनी बड़ी धनराशि का होता होगा। और परंपरा अनुसार जब कभी भी कमीशन का बटवारा बिगड़ता है तभी तो गाड़ियां धड़ाधड़ पकड़ी जाती है। शेष मामलों में ऐसी जल्दबाजी सूचनाएं होते हुए भी नहीं की जाती। आखिर राज्य में बैठा हुआ गौ सेवा आयोग क्या कर रहा है। और जिस राज्य में पशुधन का गोबर भी क्रय किया जाता हो वहां पर पशु तस्करी का व्यापार किसी बड़े षड्यंत्र की आहट देता है ।


