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किसे काम देना है किसे रखना है निठ्ठला सब कुछ तय करता है कोलार का पाप

24 HNBC  ( बिलासपुर  ) 
बिलासपुर। महिला बाल विकास में लंबी और गहरी जड़ डालकर दो पुरुष अधिकारी बैठे थे। एक अधिकारी का कमरा नीचे था, और बड़े अधिकारी का कमरा प्रथम तल पर था । नीचे बैठा अधिकारी तारकेश्वर सिन्हा शहरी परियोजना देता था दर्जनों शिकायत के बाद उसका तबादला हो गया है। हालांकि इस अधिकारी की पकड़ राजधानी तक थी इनके एक रिश्तेदार पुलिस विभाग में भी कार्यरत हैं ऐसा बताया जाता है कि डॉक्टर के कार्यकाल में इनके राजनैतिक रसूख ज्यादा रसूखदार थे तारकेश्वर सिन्हा के जाने के बाद शहरी परियोजना का पद खाली रहा परियोजना अधिकारी की मनमानी के चलते बाहर से तबादला होकर आए उमाशंकर गुप्ता जसपुर और नेहा राठिया को इस पद पर बैठाला जा सकता था किंतु नहीं बैठाया गया आखिर में परियोजना अधिकारी ने अपने मन कि की और सकरी से पुष्पा कुजूर को लाकर शहरी परियोजना का प्रभारी बना दिया । अब पुष्पा कुजूर के पास दो स्थानों का उत्तरदायित्व है और दो अधिकारी उमाशंकर गुप्ता और नेहा राठिया के पास काम ही नहीं है। इसीलिए हमारी पंच लाइन कोलार का पाप ढो रही अरपा अक्षर से सत्य बैठती है। महिला बाल विकास विभाग राज्य सरकार के लिए कितना महत्वपूर्ण है इसका उदाहरण किसी को देखना हो तो बाय इलेक्शन गौरेला पेंड्रा मरवाही में देखा जा सकता है। भारतीय जनता पार्टी ने 15 साल तक जो राज किया उसमें इस विभाग के अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग के मितानिन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है इसलिए हम बार-बार कहते हैं यदि कांग्रेस को बिलासपुर जिले में अपने विधायकों की संख्या बढ़ानी है तब महिला बाल विकास विभाग में ईमानदार और पारदर्शी योजनाओं के साथ काम करना होगा अन्यथा आने वाले चुनाव बिलासपुर जिले में कांग्रेस की हालत और खराब होने वाली है। 
      आज ही की खबर है कि महिला संप्रेक्षण गृह सीपत रोड में बाल विकास विभाग के भीतर एक निजी पार्टी आयोजित हुई जिसके लिए ना तो उच्च अधिकारियों की अनुमति ली गई न ही कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया गया जिस परिसर में आम आदमी का प्रवेश प्रतिबंधित है वहां पर निजी पार्टी हो जाए इसे क्या कहा जाएगा।