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चखना सेंटर पर बैठा है नाबालिक, कहां है शासन की कल्याणकारी योजना
- By 24hnbc --
- Friday, 18 Jun, 2021
24 HNBC (बिलासपुर )
बिलासपुर। एक तरफ राज्य सरकार ने बाल श्रमिकों के लिए चलने वाले विशेष स्कूल बंद कर दिए दूसरी तरफ समय-समय पर बाल श्रमिकों के खोज व चिन्हांकन के लिए होने वाले सर्वे भी बंद है यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिना किसी भय के भोजनालय हो में नाबालिक कम उम्र के बच्चे काम करते नजर आते हैं । मल्हार सेेे जोधंरा रोड के मुख्य मार्ग पर स्थित एक भोजनालय में बैठा हुआ यह बच्चा किसी भी स्थिति में 18 वर्ष का नहीं है हद तो यह है कि इस होटल में खाने की जो सामग्री रखी दिखाई देती है उसे देखकर यह लगता है कि यह ढावा आम ढावा नहीं है यहां छुपे तौर पर चकना सेंटर चलाया जाता है । साथ ही होटल पर बैठे हुए बच्चे ने यह स्वीकार भी किया की होटल में शराब पीने वाले बैठे रहते हैं।
बिलासपुर में पहले बाल श्रमिकों को उचित शिक्षा मिलती रहे और होटलों पर या अन्य स्थानों पर काम न करें इस पर नजर रखने के लिए परियोजना से लाभान्वित होने वाले बच्चों की संख्या काफी थी धीरे-धीरे परियोजना संचालन में लापरवाही हुई और बाल श्रमिक खोजने में एनजीओ की दिलचस्पी भी कम हो गई परियोजना बंद हो गया शहरी क्षेत्र में और ग्रामीण क्षेत्र में भी कोरोना के बाद स्कूल बंद रहने के कारण साथ घर परिवार पर आर्थिक बोझ के कारण अब फिर से बाल श्रमिक दिखाई देने लगे और श्रम विभाग को ध्यान देना चाहिए।


