पूरे जिले में अवैध काम चरम पर
कलेक्टर के आदेश उनके अधिकारियों की निष्क्रियता से हो रहे तार-तार
- By 24hnbc --
- Sunday, 16 May, 2021
24 HNBC. बलौदाबाजार
बलौदा बाजार भाटापारा जिले में कई तरह का अवैध कारोबार दारू ,गांजा ,नशीली पदार्थ, रेत, कोयला ,लकड़ी कई तरह का अवैध कारोबार अपनी चरम सीमा पर है। हम किसी भी अवैध कारोबार का नाम ले सभी तरह का कारोबार बड़े ही धड़ल्ले से चल रहा है कारण स्पष्ट है कि शासन प्रशासन ने नियम तो बना दिया मगर नियम का पालन कराने में सक्षम नहीं दिखाई दे रहे जिला कलेक्टर के आदेशों का पालन सही तरीके से नहीं हो रहा है शासन प्रशासन की निष्क्रियता के चलते कई तरह का अवैध कारोबार दिन-प्रतिदिन सिर चढ़कर बोल रहा है चाहे रेत का परिवहन हो ,या हो लकड़ी का हो, दारू, गांजा या नशीली पदार्थ का किसी भी कारोबार का बात हो हर उन विभाग के आला अधिकारी कोविड-19 की बात कह कर कार्यवाही करने से मुकर जाते हैं और कोरोना का हाल में किसी अधिकारी का हिम्मत ही नहीं हो रहा है कि वह अपने विभाग के कार्यो की रूपरेखा को तैयार करें क्या इस समय में इस कई तरह का अवैध कारोबार होना जरूरी है । जरूरी था या जारी रहेगा यह तो आला अधिकारी की सोच पर ही निर्भर करता है आज बलौदा बाजार भाटापारा जिले में दारू का व्यापार पूरे सिमगा से सरसीवा तक और बयां चौकी के क्षेत्र से लेकर खरही तक कुल मिलाकर कहा जाए तो चारों दिशाओं में दारू की अवैध बिक्री जारी है रेत का अवैध परिवहन जोक नदी शिवनाथ नदी महानदी अरपा नदी सभी से लगातार अभी भी रेत का परिवहन जारी है कोयला का परिवहन भी जारी है लकड़ी का कारोबार तो थमने का नाम ही नहीं ले रहा है हर जंगली क्षेत्र से लेकर बंजर जमीन के पेड़ों की कटाई धड़ल्ले से दलालों और कई तरह के लोगों के द्वारा जारी है किसी तरह का गांजे का व्यापार सभी जंगली क्षेत्रों से निकलकर शहरी क्षेत्रों में भी देखा जा रहा है और कई तरह का नशीली पदार्थ तो हमेशा ही चल ही रहा है मगर इतने कारोबार अवैध रूप से चलने के बावजूद भी कार्यवाही कुछ का कुछ ही होता है वह भी अचानक ऐसा लगता है कि बलौदा बाजार भाटापारा जिले के आला अधिकारी नींद में सोए हुए हैं ।
इसी कारण पूरे जिले में कई तरह का अवैध कारोबार आज भी चल रहा है समय दर्शन दैनिक अखबार ने अपनी हर खबर के प्रकाशन में यह जिक्र किया है कि बलौदा बाजार भाटापारा जिले में कई तरह का अवैध कारोबार हमेशा से ही चल रहा है और ऐसा लगता है कि यहां सभी लोगों के परस्पर तालमेल के भरोसे ही चल रहा है जिसमें अधिकारी कुछ नहीं कर पा रहे हैं और इसीलिए आज ईट भट्टे वाला हो रेतीवाला हो कोयला वाला हो लकड़ी वाला हो सभी सर उठा कर अवैध कारोबार धड़ल्ले से कर रहे हैं और उनके चेहरे पर तनिक भी अधिकारियों का खौफ नहीं है।


