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शाला की शिक्षिका पर ही लगा चावल चोरी का आरोप

कीड़ा युक्त था चावल इसलिए ले जा रहे थे साफ करने जांच अधिकारी

​​​​​​ 24 HNBC. मुंगेली

सरकार ने जिन हाथों को बच्चों का भविष्य गढ़ने की जिम्मेदारी दी है वे अपने ही स्कूल का चावल गायब करने पर आमादा है।  यह आरोप सांवा गांव ब्लॉक पथरिया में पूर्व प्राथमिक शाला की शिक्षिका पर लगा है। वही थाना सरगांव के जांच अधिकारी का कहना है कि गांव के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने शिकायत की है जांच चल रही है ऐसा लगता है कि चावल में कीड़े लगे हुए थे और उसे साफ करने के लिए ही बोरियों को वेन में रखकर ले जाया जा रहा था अभी गांव के प्रत्यक्षदर्शियों के बयान बाकी हैं। 
 
पूरी कहानी इस तरह है गांव की प्राथमिक शाला में लॉकडाउन के पहले भी शाम के समय स्कूल का ताला तोड़ा गया। एक वैन में स्कूल की शिक्षिका दो अन्य लोगों के साथ आई थी और स्कूल में रखा हुआ राशन तथा नमक की बोरी को भरकर ले जा रहे थे ग्रामीणों ने गाड़ी को रोक लिया और गांव के सरपंच व उपसरपंच को बुलाया पूरे मामले का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें आरोपी शिक्षिका हाथ जोड़कर यह कह रही है कि जो हो गया उसे छोड़िए मेरे बाल बच्चे हैं पति नहीं है इसलिए मामले को आगे ना बढ़ाएं । उत्तेजित भीड़ बार-बार मामले की शिकायत करने की बात कह रही है जनप्रतिनिधियों ने पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी और गाड़ी को घटनास्थल पर ही रखा ऐसा बताया जाता है कि घटना दिनांक के 48 घंटे के बाद जनप्रतिनिधियों को काफी हैरान परेशान करने के बाद शिकायत की प्रति प्राप्त हुई। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि थाने में एकदम विपरीत माहौल था हर दूसरा व्यक्ति इस बात के लिए दबाव बना रहा था की घटना बेहद छोटी है और तूल नहीं दिया जाना चाहिए। उपसरपंच ने अपने बयान में बताया है कि मामला सिर्फ चावल चोरी का नहीं है स्कूल में कुछ दिन पूर्व सरकारी योजना के तहत एलईडी स्क्रीन भी आया था किंतु अब वह स्कूल में नहीं है कहां है नहीं पता इसी तरह की अन्य शिकायतें भी हैं और शिक्षा का स्तर भी दिन प्रतिदिन नीचे जा रहा है। 
 
वे प्रश्न जिनके नहीं मिलते उत्तर
 
जिस वेन में शाम को स्कूल का चावल ले जाया जा रहा था यदि वह कीड़ा युक्त था तो नमक क्यों ले जाया जा रहा था क्या लॉकडाउन के पूर्व कीड़ा युक्त चावल बच्चों के बीच वितरित किया जाता था और जब  लॉक डाउन लग गया बच्चों को आना ही नहीं है तो चावल को कीड़ा मुक्त करने के लिए अन्य स्थान पर ले जाने की जरूरत ही नहीं है वैसे भी स्कूल प्रांगण में पानी की टंकी है यदि चावल को धोकर धूप दिखाकर कीड़े से मुक्त किया जा सकता है तो यह काम स्कूल परिसर में करना आसान है। 
 
दूसरा जिस वैन में चावल लादकर ले जाया जा रहा था उसे ग्रामीणों के दबाव में वहीं पर रखा गया रात को कुछ पत्रकारों ने इस बात का दबाव बनाया था की गाड़ी को गांव से ही छोड़ दिया। यह बात गांव में ही चर्चा के दौरान पता चली किंतु नागरिकों के दबाव के कारण कोई अन्य दबाव काम नहीं आया। पुलिस को शिकायत की पावती देनी पड़ी है जप्त राशन गाड़ी का पंचनामा बना है और वह पंचनामा गांव में ही बना है अब गाड़ी थाना सरगांव के परिसर में खड़ी है जांच अधिकारी का कहना है कि जिन का बयान आसानी से लिया जा सकता था ले लिया गया है। शेष लोगों के लिए थोड़ा समय लग सकता है क्योंकि कोविड-19 लॉक डाउन का आसरा है हालांकि गांव की गलियों में यह भी चर्चा है कि मामले को कुछ तोड़ी बाज ले देकर सलटाना चाहते हैं वह भी इसलिए कि उन्हें शिक्षा के पवित्र लक्ष्यों की चिंता है।