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अब लंबा नहीं चलता मकान मालिक किराएदार विवाद

24 HNBC. बिलासपुर

बिलासपुर। मकान मालिक किराएदार विवाद मे वर्तमान व्यवस्था के अनुसार यह मसला भाड़ा नियंत्रण अधिकारी के क्षेत्राधिकार में आता है। इस समय कुल मिलाकर केवल 100 प्रकरण ही चल रहे हैं, और हर माह 5 से 7 पर आदेश जारी हो जाता है। देखा जाए तो भाड़ा नियंत्रण कानून अपने उपयोगिता पर खरा उतर रहा है। इसके पूर्व मकान मालिक किराएदार विवाद सिविल कोर्ट की विषय वस्तु था और यहां प्रकरणों के निपटारे में लंबी समय अवधि लगती थी। 
         हाई कोर्ट के दिशा निर्देश पर सरकार ने इसके लिए न केवल पृथक कानून बनाया बल्कि पृथक से सुनवाई क्षेत्र भी निश्चित किया इसी का परिणाम है कि अब यह विवाद ज्यादा लंबा नहीं खींचता। न्यायालय के पीठासीन अधिकारी ने कहा कि किसी भी संपत्ति को किराए देते समय इकरारनामा अत्यआवश्यक है साथ ही प्रत्येक 11 महीने पर उभय पक्ष की सहमति से अधिकतम 10% किराया राशि बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि कोविड काल में एक भी ऐसा प्रकरण दाखिल नहीं किया गया जिसमें कोविड के कारण उभय पक्ष के बीच कोई विवाद हुआ हो जबकि उस समय के खबरों में ऐसी खबरें भी रोज आ रही थी की कोविड के कारण किराएदार ने किराए का भुगतान नहीं किया हो भाड़ा नियंत्रण अधिकारी इस विवाद को सुनने के अतिरिक्त बिलासपुर जिले की संपत्तियों पर किस क्षेत्र में कितना किराया होगा इसको भी निर्धारित करते हैं। अब बिलासपुर जिले के सभी अनुविभागीय क्षेत्र में मकान मालिक किराएदार विवाद होने पर इसी न्यायालय में उनकी सुनवाई होती है।