गौ सेवा के साथ जन्म दिन मानना चाहते थे नंदू भैया
बड़वानी,24HNBC
‘मैं प्रत्येक वर्ष अपना जन्मदिन एकांत में प्रभु स्मरण करते हुए मनाता हूं। 12 ज्योर्तिलिंग यात्रा कर लौटे संत नर्मदानंदजी के दर्शन के बाद अब मैं अपना अगला जन्मदिन किसी ऐसी जगह मनाना चाहता हूं, जहां पौधारोपण किया जा सके और गो-सेवा की जा सके। कुछ सार्वजनिक कल्याण के कार्य किए जा सकें।' यह बात गत 10 जनवरी को खरगोन जिले के बड़वाह में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व खंडवा सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ‘नंदू भैय्या’ ने कही थी। ज्ञात हो कि निमाड़ के जनप्रिय रहे भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व खंडवा सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ‘नंदू भैय्या’ ने तबियत खराब होने के एकदिन पूर्व संतों के एक कार्यक्रम में कही थी। पूज्य संत नर्मदानंदजी 12 ज्योर्तिलिंगों की पदयात्रा करके लौटे थे और इसी उपलक्ष्य में उनके अभिनंदन के लिए बड़वाह में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उनके अंतिम कार्यक्रम में दिए गए अंतिम उद्बोधन में जाहिर की गई उनकी अंतिम इच्छा पूरी नहीं हो सकी और दो मार्च को उनका निधन हो गया।जगत कल्याण के लिए समाज को जागरूक करने का बेड़ा उठाया है कार्यक्रम में स्व. नंदू भैय्या ने कहा था कि जगत कल्याण के लिए और जन-जन की रक्षा करने के लिए परमसंत नर्मदानंदजी ने समाज को जागरूक करने का बेड़ा उठाया है। उन्होंने देवों के देव महादेव के हमारे देश में 12 ज्योर्तिलिंग हैं। यह ज्योर्तिलिंग पूरे भारत देश को ऊर्जा देने का कार्य करते हैं, प्रेरणा देने का कार्य करते हैं और शक्ति का संचार करते हैं। परमपूज्य महाराज ने 12 ज्योर्तिलिंगों की पदयात्रा की है। इस उम्र में प्रतिदिन 40 से 50 किमी का सफर, बरसते पानी में, चिलिचिलाती धूप में और ठिठुरती ठंड में सफर लगातार जारी रहा।


