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उपसचिव दे चुके हैं समिति पर स्थगन

बर्जेस स्कूल प्राचार्य निलंबन का मामला पहुंचा हाई कोर्ट

24hnbc.com
 बिलासपुर, 13 सितंबर 2026। 
बर्जेस स्कूल की प्राचार्य निशिता हंसादास ने वैधानिक कमेटी द्वारा अपनी बर्खास्तगी को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। लगभग दो वर्ष से छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन पंजीकृत में दो समितियां के बीच कानूनी उलझने चल रही है। शशि वाघे गुट जहां पूरी तरह से कानूनी प्रावधानों के अनुसार चलता है वही दूसरा गुट जिसका नेतृत्व डायोसिस अपंजीकृत के नितिन लॉरेंस के पास है। पूरी तरह से दस्तावेजों का भ्रम फैलाकर शाम, दाम, दंड, भेद से स्कूलों पर प्रभुत्व जमाने का होता है। उन्होंने अब तक रायपुर, बिलासपुर, मुंगेली, पेंड्रा रोड के स्कूलों में दर्जनों शिक्षक और स्टाफ का निलंबन किया उन्हें बर्खास्त कर दिया। इस बार जब विवादित चुनाव का परिणाम आया तो लॉरेंस गुट का पहला आधार बर्जेस स्कूल की प्राचार्य पर पड़ा। 2015 में भी इसी गुट से संबद्ध सचिन ने उन्हें निलंबित कर दिया था तब उन्होंने हाई कोर्ट की शरण ली थी और रिट याचिका 759/2015 में उन्हें जीत मिली और तब जबलपुर डायोसिस और छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन पंजीकृत ने माना था कि स्कूल संचालक छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन के पास नहीं है। इसी बीच में 7 सितंबर को छत्तीसगढ़ सरकार के उप सचिव ने आदेश दिया है कि अभी हाल ही में हुआ चुनाव और उसके परिणाम से बनी समिति के कार्यों पर रोक लगाई जाती है। ऐसे में हाई कोर्ट का आर्डर देखने लायक रहेगा।