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महोत्सव के नाम पर सियासत

बेलतरा की मूलभूत समस्याएं जस की तस ..... गौरहा

24hnbc.com
बिलासपुर/बेलतरा 12 सितंबर 2026। 
बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की बदहाल स्थिति के बाद अब नगपुरा मेला महोत्सव का नाम बदलकर ‘बेलतरा महोत्सव’ किए जाने को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। क्षेत्र में विकास कार्यों और आयोजनों को लेकर सरकार तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के दावों पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं।
नगपुरा मेला महोत्सव का नाम बदलने पर नाराजगी का दावा कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने कहा कि नगपुरा मेला महोत्सव क्षेत्र की पुरानी और महत्वपूर्ण परंपरा है, जिसका आयोजन लंबे समय से होता आ रहा है। उनके अनुसार, पहले यह आयोजन करीब सात दिनों तक आयोजित किया जाता था, लेकिन अब इसका नाम बदलकर ‘बेलतरा महोत्सव’ कर दिया गया है और आयोजन की अवधि भी कम कर दी गई है।गौरहा ने कहा कि स्थानीय ग्रामवासियों और क्षेत्रवासियों द्वारा पहले भी नाम परिवर्तन को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि किसी प्राचीन और क्षेत्र की भावनाओं से जुड़े आयोजन का नाम राजनीतिक लाभ के लिए बदलना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता की भावनाओं और क्षेत्र की परंपरा का सम्मान किया जाना चाहिए।
‘चाहें तो हर महीने एक महोत्सव करा दें’
अंकित गौरहा ने मुख्यमंत्री द्वारा बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपये की घोषणा पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को महोत्सव आयोजित करने में इतनी ही रुचि है तो मुख्यमंत्री चाहें तो और 3 करोड़ 30 लाख रुपये की घोषणा और कर दें, जिससे विधानसभा क्षेत्र में हर महीने एक नया महोत्सव आयोजित किया जा सके।
उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि इससे शायद क्षेत्रवासी अपनी सड़क,बिजली,स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत समस्याओं को कुछ समय के लिए भूल जाएं और क्षेत्रीय विधायक भी हर मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन कर उन्हें भी नृत्य का अवसर मिल जाएगा।
मुख्यमंत्री की घोषणा पर भी उठाए सवाल गौरहा ने कहा कि बेलतरा महोत्सव के लिए मुख्यमंत्री की घोषणा तो हुई, लेकिन क्षेत्र के लोगों की भावनाओं को समझने की कोशिश नहीं हुई। उन्होंने कहा कि ग्रामवासी और क्षेत्रवासी यह चाहते हैं कि नगपुरा मेला महोत्सव की ऐतिहासिक पहचान और परंपरा को बरकरार रखा जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता को महोत्सव से आपत्ति नहीं है, आपत्ति उस परंपरागत आयोजन की पहचान और नाम बदलने से है। सरकार को पहले जनता की भावनाएं समझनी चाहिए, फिर आयोजन का स्वरूप तय करना चाहिए।
सड़क और महोत्सव दोनों मुद्दों पर घिरी भाजपा गौरहा ने कहा कि एक तरफ बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में अशोक नगर-बिरकोना मार्ग,राजकिशोर नगर चौक से छठ घाट मार्ग और सेंदरी-मोपका बायपास जैसे महत्वपूर्ण मार्गों की बदहाली लोगों की परेशानी बढ़ा रही है,वहीं दूसरी ओर सरकार महोत्सवों के लिए घोषणाएं कर रही है।
उन्होंने कहा कि “बेलतरा की जनता को आयोजन और घोषणाओं से ज्यादा जरूरत अच्छी सड़क,बिजली,स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं की है। सरकार और विधायक को तय करना होगा कि प्राथमिकता क्या है महोत्सव या जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान..?