भाजपा प्रत्याशी पर चांदनी ने लगाया ग्रहण
मस्तूरी में प्रत्याशी गोंड, कांग्रेस संगठन लड़ रहा चुनाव
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बिलासपुर, 26 अक्टूबर 2023।
कांग्रेस की दूसरी सूची में एक साथ 53 नाम की घोषणा बिलासपुर जिले में तीन स्थान पर हारे हुए पूर्व नेता को टिकट के बाद मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र में कुछ मिनटों के लिए सन्नाटा छा गया। उसके बाद असंतोष के जो स्वर मस्तूरी में उठे उसने बेलतरा के असंतोष को कमजोर कर दिया। यह बात किसी को अचंभित कर सकती है पर वास्तविकता यही है। असल में बेलतरा में कांग्रेस असंतुष्टों का विरोध का स्वर प्रायोजित मीडिया द्वारा बढ़ा चढ़ा कर दिखाया जा रहा है। जबकि जिला मुख्यालय से दूर होने के कारण मस्तूरी आरक्षित सीट पर टिकट ना पाने वालों का विरोध राजीव भवन रायपुर तक गया था। पर मीडिया की सुर्खी नहीं बना कांग्रेसी परंपरा से हटकर मस्तूरी में कांग्रेस के ब्लॉक संगठन के नेताओं ने आग लगने के पूर्व ही बैठकों का दौर प्रारंभ किया और जिस भी नेता को केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा घोषित प्रत्याशी अच्छा नहीं लग रहा था उसे बातचीत के स्तर पर लाकर कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान खाई गई कसम और ली गई शपथ याद दिलाई गई।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार लाने का आने का भरोसा दिलाया गया है और अब स्थिति यह है कि मस्तूरी में कांग्रेस प्रत्याशी दिलीप लहरिया गोंड है और संगठन ने चुनाव की कमान संभाल रखी है। अन्यथा मस्तूरी में दीवाल पोतू नेता बामसेफ के अग्रदूत, बसपा स्लीपर सेल के सदस्य पार्टी को भीतर से खोखला करने में कोई कसर नहीं रखें। जब प्रदेश संगठन में बड़े पद पर बैठा हुआ नेता इस तरह का आचरण करेगा तो लाभ विपक्षियों को ही होगा। अभी भी असंतुष्ट यह नेता को चैन नहीं पड़ा है पर संगठन द्वारा सहयोगी को मना लेने से पूर्व लोकसभा पराजित प्रत्याशी स्वत: ही अप्रासंगिक हो गया है। ऐसा नहीं है कि मस्तूरी में असंतोष केवल कांग्रेस झेल रही है । यही हाल भारतीय जनता पार्टी का रहा विधायक को फिर से टिकट की घोषणा होने के बाद मस्तूरी की लोकप्रिय महिला नेत्री चांदनी भारद्वाज ने ने भाजपा के अनुशासन को तार तार कर दिया और भाजपा का संगठन कुछ समझ पाता मान मनौव्वल का कोई प्रयास होता उसके पहले ही एक झटके में भारतीय जनता पार्टी का झंडा छोड़ चांदनी ने गुलाबी पटका डालकर भाजपा को फटका दे दिया, और बाद में जेसीसीजे ने उन्हें मस्तूरी से ही अपना टिकट भी दिया। कौन नहीं जानता है कि पिछले विधानसभा में जोगी कांग्रेस ने बसपा से समझौता के चक्कर में यह सीट बसपा को दे दी थी। जोगी कांग्रेस का संगठन मस्तूरी में अस्तित्व रखता है पिछले विधानसभा चुनाव में यहां त्रिकोणीय मुकाबला हुआ। और इस बार यह मुकाबला चतुर्भुज में फंस गया है। एक तरफ चांदनी भारद्वाज भाजपा प्रत्याशी के लिए परेशानी का कारण है उसके पास व्यक्तिगत रूप से अपना स्वत: का वोट बैंक है। जिला पंचायत चुनाव जीतना, जनपद का अध्यक्ष रहना इस बात का प्रमाण है। निश्चित और वे निश्चित रूप से भाजपा की वोट बैंक में सेंध लगाएंगे।
पिछले चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को तीसरे नंबर पर संतोष करना पड़ा था जोगी के कारण मस्तूरी में कांग्रेस का संगठन जीरो हो गया था जनता के बीच समर्थन नहीं मिलता देख मतदान के 5 दिन पूर्व दिलीप लहरिया घर पर ही बैठ गए थे घर से निकलते ही नहीं थे। पर इस बार दबंग संगठन नेतृत्व के कारण खुलकर घूम पा रहे हैं। असल में मस्तूरी में कांग्रेस का प्रत्याशी नहीं संगठन ही चुनाव लड़ रहा है।


