जमानत पर छूटते ही पुनः पाते हैं पद
करोड़ों के घपलेबाज बिशप
- By 24hnbc --
- Saturday, 18 Apr, 2026
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बिलासपुर, 18 अप्रैल 2026।
कहते हैं नियम, आज्ञा, आदेश जितने कम होंगे स्पष्ट होंगे उनका पालन उतना ही सहज होगा। ईसाई धर्म की 10 आज्ञा दो में बदल गई। भ्रष्टाचार नहीं करना है व्यभिचार से दूर रहना है। दूसरी आज्ञा के कारण ही ईसाई धर्म में तलाक के प्रावधान नहीं थे, पति पत्नी का संबंध वैसा ही पवित्र है जैसा हिंदू धर्म में पर आज हम बात कर रहे हैं भ्रष्टाचार की।
कोई भी डायोसिस हो और कोई भी बिशप एफआईआर की संख्या गिनने पर लगेगा कि व्यक्ति धर्म का आचार्य नहीं माफिया का डान है। पीसी सिंह जो बिशप जबलपुर डायोसिस फिलहाल महाराष्ट्र नागपुर के पास दुपारे जेल में है। दो बार जमानत का चुके हैं और आर्थिक भ्रष्टाचार की रकम एक अरब से ज्यादा है। अजय उमेश जेम्स बिशप जबलपुर डायोसिस 6 करोड़ का घपला 6 माह से ज्यादा जमानत पर रहे जेल से जमानत पर छुटने के बाद जनाब फिर से गाजे बाजे के साथ बिशप बन गए। मनोज चरण भोपाल करोड़ का आर्थिक घपला कई दर्जन एफआईआर और अभी भी अमृतसर के बिशप है। भोपाल में उनकी पत्नी बिशप है, छत्तीसगढ़ में डायोसिस के बहुत से पदाधिकारी पर एफआईआर है। आर्थिक घपले के तो आरोप है ही हाल ही में नदी किनारे की बेशकीमती जमीन हीरा ग्रुप को दी गई है। लंबी आर्थिक अनियमितता हुई है। स्कूल के फीस के पैसे से धर्मांतरण के आरोप हैं। पर सब पदाधिकारी अपने पदों पर आसीन हैं।
बिशप तो बिशप मॉडरेटर भी काम नहीं गुरु और चेला सब शक्कर हैं। बीके नायक उड़ीसा फुलवानी का बिशप था। आगरा डायोसिस का बिशप बन गया 1, 2 , 3 दर्जन नहीं उनके खिलाफ 281 एफआईआर हैं। बिलासपुर उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत पे हुए हैं। आगरा डायोसिस के खातों से गबन करके उड़ीसा में अपना विद्यालय बना रहे हैं। सबसे बड़ी बात हर साल यह बिशप जो मॉडरेटर विदेश यात्रा करते हैं। लंदन, फ्रांस, अमेरिका, जर्मनी जाते हैं कहते हैं कि उनके पास दूतावास से सीधा धन आ जाता है। पीसी सिंह के घर पर तो कई विदेशी मुद्रा मिली थी जो अलग-अलग देश की थी।
बरसों पहले ईसाई धर्म में मार्टिन लूथर ने बिशप पादरी की दलाली पर सीधा प्रहार किया था बड़ा प्रश्न है कोई भी डायोसिस पंजीकृत क्यों नहीं है। बिशप को अधिकार ही अधिकार है असीमित अधिकार है और उसकी अकाउंट एबिलिटी जीरो है। चर्च छोटा हो या बड़ा लगता है अंध भक्तों की टोली है। जिस किसी ने इस अव्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई उसे और उसके परिवार को प्रताड़ना दी गई और अभी भी आवाज उठाने वाले प्रताड़ित हो रहे हैं। आर्थिक घोटाले करने वालों के पास इतना धन है कि न्यायालय क्षेत्र के वकील इनके सामने सर्विस देने आतुर होते हैं यह प्रक्रिया जिसमें धर्म ही हासीये पर चला जाए और गंगा मुख्य हो जाए कब रुकेगा।


