डॉ रमन का निस्तेज चेहरा क्या संदेश लेगा कार्यकर्ता
आडवाणी वाली भाजपा की छत्तीसगढ़ से फाइनल विदाई
- By 24hnbc --
- Monday, 16 Oct, 2023
पार्टी के नेता ही नहीं उत्साहित कार्यकर्ता किसके खातिर मांगे वोट
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बिलासपुर, 16 अक्टूबर 2023।
देश के गृहमंत्री अमित शाह आज प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी को यह बताएंगे कि 3 दिसंबर को छत्तीसगढ़ में कमल खिलेगा ऐसा अमित शाह ने राजनांदगांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बताया। वे छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का पर्चा भरवाने आए थे। अब उसी मौके पर एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
राजनीति के विशेषज्ञ छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद यह कहने में जरा भी नहीं हिचकते की असल में यह सूची आडवाणी वाले भाजपा की है। जिन कद्दावर चेहरों को 2018 के चुनाव में जनता ने ना केवल हराया बल्कि बुरी तरह नकार दिया, उन्हें फिर से टिकट देना एक तरह छत्तीसगढ़ की जनता को परिपक्व ना मानने के समान है। तो दूसरी ओर अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं को मुंह चिढ़ाने के समान हैं। भाजपा उम्मीदवारों की सूची में पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के मंत्रिमंडल के लगभग सभी सदस्यों को टिकट मिला है।
राजनीति की क ख ग जानने वाला हर व्यक्ति यह समझता है कि डॉक्टर रमन सिंह लाल कृष्ण आडवाणी और राजनाथ सिंह वाली भाजपा के नुमाइंदे है। ऐसा लगता है जब लोकसभा का चुनाव हुआ तो पूरे सांसद बदल दिए गए और मोदी शाह वाली भाजपा खड़ी की गई परंतु जब विधानसभा के चुनाव आए तो 70% टिकट आडवाणी वाले भाजपा को दे दी गई। सीधा संदेश है कि इसे रणभूमि में निपटाने दिया जाए निपट गई तो जिसकी संभावनाएं बहुत ज्यादा है। फिर बाद में शाह और मोदी वाली भाजपा को आगे लाया जाएगा।
तीसरा चरण चल रहा था तब अंतिम वर्ष में सरगुजा क्षेत्र के एक कार्यकर्ता सम्मेलन में डॉक्टर रमन ने अपने ही कार्यकर्ताओं को कहा था 1 साल के लिए कमीशन खोरी बंद कर दो और फिर से सत्ता में आ जाएंगे। पर कार्यकर्ता नहीं माना से बड़ी बात यह है कि मुख्यमंत्री की इस राय को मंत्रियों ने भी नहीं माना परिणाम राजेश मूडत, अमर अग्रवाल जैसे लगभग एक दर्जन मंत्रियों का घमंड चकनाचूर हो गया था। छत्तीसगढ़ में भाजपा शीर्ष नेतृत्व में कभी भी नया नेतृत्व खड़ा करने का प्रयास नहीं किया सीधा अर्थ है आडवाणी राजनाथ वाली भाजपा से ही काम चलाया गया। संदेश साफ है जनता से यह उम्मीद की जा रही है कि इस बीजेपी को विदा करें तब नया नेतृत्व दिया जाएगा।
2018 का चुनाव हारने के बाद रमन सिंह मंत्रिमंडल के कोई भी सदस्य कोविड जैसे भयंकर आपदा के दौर में भी जनसेवक बनकर आगे नहीं आए ऐसे में अब वोट मांगने किस मुंह से जाएंगे। रही बात कार्यकर्ताओं की उन्हें भी अपना भविष्य तभी उज्जवल दिखाई दे रहा है जब अकेला नेतृत्व विदा हो जाए। आज जब अमित शाह के साथ रमन सिंह मंच पर हाथ हिला कर जनता का अभिवादन कर रहे थे तब उनके चेहरे पर प्रसन्नता का भाव तो दूर थकावट और निराशा उत्साह हीनता निस्तेज चेहरा एक साथ दिखाई दे रहा था। क्या इस चेहरे को पार्टी का कार्य करता नहीं पढ़ लेगा.....।


