पांच धाराओं में दर्ज एफआईआर ने हिला कर रखा है डायोसिस को
जबलपुर के बिशप बैठे रहे घंटो थाने में
- By 24hnbc --
- Sunday, 28 Jun, 2026
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बिलासपुर, 29 जून 2026।
ग्रह दशाएं ही कुछ ऐसी चल रही है कि धर्माचार्यों के दिन अच्छे नहीं निकल रहे हैं। 19 जून 2025 में सिविल लाईन थाना रायपुर में अपराध क्रमांक 281/ 2025 दर्ज हुआ जिसमें छत्तीसगढ़ डायोसिस से संबंधित अजय उमेश जेम्स तत्कालीन बिशप, एसके नंदा बिशप, बीके नायक मॉडरेटर, जयदीप रॉबिंसन, नितिन लॉरेंस, रूपिका लॉरेंस प्रभारी प्राचार्य सालेम स्कूल के विरुद्ध धारा 420, 467, 468, 471, 34 बी के तहत एफआईआर दर्ज हुई। जिनका नाम भी एफआईआर में था वे सब सेशन कोर्ट रायपुर, अग्रिम जमानत के लिए पहुंचे एक-एक करके सब की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज हुई। इनमें से बीके नायक जो दिल्ली में मॉडरेटर रहे ने आज तक अग्रिम जमानत नहीं ली। 19 जून 2025 से 2026 जून तक छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन पंजीकृत और छत्तीसगढ़ डायोसिस अपंजीकृत में बहुत से राजनीतिक समीकरण बदल गए। एफआईआर नंबर 281 में जो भी नाम आए उन सब ने वे तमाम टिकडमे की जिससे जांच कार्य को धीमा रखा जा सके। ऐसे कुछ ही प्रकरण होते हैं जिनमें जांच अधिकारी न बदलें और यह प्रकरण ऐसा ही है। जांच अधिकारी नहीं बदला रविवार जिस दिन प्रभु की सेवक चर्च में होने चाहिए कल 28 जून को उनका समय सिविल लाइन थाने में गुजर रहा था। अजय उमेश जेम्स जो इन दोनों जबलपुर डायोसिस के बिशप हैं। रायपुर सिविल लाइन थाने में बैठे थे उनके बाद एसके नंदा बिशप कटक की बारी है। बीके नायक को आना है और क्रमशः जयदीप रॉबिंसन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ डायोसिस, नितिन लॉरेंस पदाधिकारी छत्तीसगढ़ डायोसिस और रूपिका लॉरेंस प्रभारी प्राचार्य सालेम के भी बयान होने हैं। एफआईआर दस्तावेजी प्रमाणों पर आधारित है लिहाजा कल पुलिस ने जेम्स से पूछताछ करने के लिए प्रश्न बना रखे थे और पुलिस को हर चीज का दस्तावेज चाहिए कि जेम्स ने जो कुछ भी काम किया। जैसे स्कूलों में प्राचार्य की नियुक्ति, नए स्कूल खोलना, कर्मचारियों का निलंबन जेम्स साहब अपने वकीलों के साथ आए थे। पर जवाब तो जेम्स को ही देना है और जांच अधिकारी मांग रहा है दस्तावेज जो की वे प्रस्तुत नहीं कर पाते। असल में छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर चल रहे ईसाई समाज के 19 स्कूल तकनीकी तौर पर विधि शून्य हैं। इनके संचालन की जिम्मेदारी उलझी हुई है स्कूल छत्तीसगढ़ डायोसिस के नहीं है। इस संदर्भ में हाई कोर्ट में दायर हुई एक रिट पिटीशन में पेश किये डब्ल्यूएस, शपथ पत्र, पीएफ के रिकॉर्ड, फर्म सोसाइटी मध्य प्रदेश के सर्कुलर ऐसे बहुत से दस्तावेज हैं जो 19 स्कूलों के संचालक पर प्रश्न चिन्ह लगाते हैं। रविवार का दिन जेम्स के लिए भारी रहा उन्हें शाम को 4:00 बजे थाने से छुट्टी प्राप्त हुई।
इस पूरे मामले में अभी और पूछता चल रही है। जैसे-जैसे बयान दर्ज होंगे कहानी स्पष्ट होगी।


