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मातृभूमि ने पूछा है तुम मेरी संतान हो

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बिलासपुर,28 जून 2026। 
15 अगस्त 1947 को जब देश आजाद हुआ तो हम इस देश के नागरिक थे उसे समय बतौर नागरिक हमारे पास मतदाता होने का गौरव भी नहीं था। जैसे-जैसे समय बिता हम कतार में लगते गए, कभी हमने राशन कार्ड बनवाया, कभी पैन कार्ड बनवाया, कभी फोटो आईडी वाला वोटर कार्ड बनवाया। तो कभी आधार कार्ड के लिए लाइन में लग गए। दशकों से संघ परिवार और भाजपा ने हिंदू समाज को बताया है कि भारत केवल एक भूखंड नहीं है माता है। देश भक्ति संवैधानिक निष्ठा नहीं संस्कृत आस्था है। वंदे मातरम केवल गीत नहीं सांस्कृतिक चेतना है और यदि यह सब है तो राष्ट्र अपनी संतान को प्रमाण क्यों नहीं देती। बार-बार प्रमाण मांगा क्यों जाता है हम संघ से पूछते हैं मातृभूमि अपने बेटे से कैसे कह सकती है कि वह अपनी पहचान साबित करें कि तुम मेरे बेटे हो। तो देश के नागरिक होने का मसाला प्रशासनिक और नौकरशाही का नहीं है बल्कि सभ्यता और संस्कृति का भी है। असल में पासपोर्ट नागरिक होने का प्रमाण पत्र नहीं है। इस बेतूकी की बहस को एक सूची समझी साजिश के तहत उछाला गया है। अब गृह मंत्रालय नागरिकता कार्ड बनाने का तामझाम लगाएगा और अब नए सिरे से बाहर शुरू होगी हिंदू बनाम मुसलमान। 160 करोड लोगों की भीड़ भय, भूख, भक्ति के कीर्तन में फंसेगी। एक समय देश का प्रधानमंत्री राजीव गांधी 21 सदी के भारत का बात करता था । और आज हम आश्रित परजीवी मुल्क हो गए। आंदोलनकारी कॉकरोच का मुखौटा लगाकर अपनी बात कहते हैं। एक सीधी बात है मनुष्य पहले हुआ या राज्य धर्म सभ्यता पहले है या 1950 में बना हुआ भारत गणराज्य... राष्ट्र कौन होता है जो अपने को नागरिकता का मालिक मानकर कहे कि इस मिट्टी में रहने की अधिकारी की पुष्टि करो। वंदे मातरम का संबंध किस है भूमि से, राज्य से, नागरिक से या गृह मंत्रालय से। और सबसे बड़ी बात हमारी रोजी, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी समस्याओं का क्या यदि पासपोर्ट, आधार कार्ड, वोटर कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं है तो भारत में जन्म लिए व्यक्ति की नागरिकता का निर्विवाद दस्तावेज कौन सा है। जिस व्यक्ति का जन्म इस भूमि पर हुआ जिसकी पीढ़ियां यहीं पर पैदा हुई जिसने इस देश को वोट दिया , टैक्स दिया, सेवा में भर्ती हुआ अदालत में मुकदमे लड़े, सरकारी चुनी, सरकारी गिराई वह अपने ही देश में किसी कागज से सिद्ध करें कि ये घर उसका है। हमको एक जाल के तहत बेतूके विवाद में फसाया जा रहा है।