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डबल इंजन के कारण अयोध्या से लंका की दूरी हुई शून्य
- By 24hnbc --
- Friday, 26 Jun, 2026
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बिलासपुर, 27 जून 2026।
3 बातें जो भारतीय जनता पार्टी की कॉपीराइट है आस्था, देश भक्ति, सचारिता आस्था का उपयोग राजनीति से लेकर किसी भी क्षेत्र में भाजपा के नेता कर सकते हैं अन्य नहीं। सेवा का उपयोग और देशभक्ति की बातें भारतीय जनता पार्टी की नेता अपने लाभ के लिए कर सकते हैं शेष नहीं इसी तरह ईमानदारी चरित्र और सद्गुण की दिखावटी बातें भाजपा के नेता कर सकते हैं शेष नहीं। वर्तमान में सनातन धर्म के आस्था के प्रतिक श्री राम के मंदिर में ऐतिहासिक तरीके से हुई चंदा चढ़ावा चोरी। पर चर्चा और मिमैख करने से आस्था से खिलवाड़ हो जाता है पर उसी आस्था के कारण मिले चंदे और चढ़ने चोरी से आस्था को आघात नहीं लगता क्योंकि वह छोरी तो मर्यादा पुरुषोत्तम राम और उनके भक्तों के बीच का मामला है। ऐसा लगता है कि रामायण का यह तथ्य की अयोध्या से लंका की दूरी लगभग 3100 किलोमीटर रही अब आस्थावानों के कारण सिमट कर जीरो हो गई। स्पष्ट शब्दों में कहे लंका जो रामायण के अनुसार बुराई का प्रतीक रही अब सिमट कर अयोध्या में ही आ गई क्योंकि राक्षसी प्रवृत्ति के सब लोग जीनहोने मिलकर चंदा चढ़ावा चोरी की वे सब अयोध्या में ही है यह बात अलग है कि उनके मुखिया अयोध्या से दूर हैं। पर वे समय-समय पर इस मंदिर परिक्षेत्र में आते हैं और देश की आम जनता को यहां से दर्शन देते हैं वे सब जांच एजेंसियों के प्रमुख जो इन सरदारों को बचा रहे हैं वे भी दर्शन अभिलाषी बनाकर उसे समय खड़े रहते हैं। देश भक्ति आज यह स्पष्ट हुआ कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश की सेना ने अपने कितने जवान गवा दिए। जब ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ और अभी तक खत्म नहीं हुआ ऑफीशियली। के बीच कभी भी विमान गिरने जवानों के शहीद होने पर कुछ पूछने को देशभक्ति पर प्रश्न चिन्ह लगने वाला दिया जाता था। यहां तक की सेवा की वर्दी पहनकर उसका राजनीतिक लाभ लेने वाले सरदार सैन्य ऑपरेशन के विशेषज्ञ बन जाते थे। तीसरी बात चरित्र जिस सत्ता धारी दल के नाम चिनो का नाम एफ्सटिन फाइल में आया हो वह चरित्र की बात करें यह उचित नहीं लगता है।
राम मंदिर के नाम पर चंदा और चंदा की चोरी का एक उदाहरण हमने बिलासपुर में ही देखा नाम उषा ऑफ़्ले था उनका एनजीओ सहयोग राशि अंशदान एकत्र कर रहा था तब शहर के कुछ राम भक्तों को परेशानी हो गई और उन्होंने महिला नेत्र के खिलाफ सिविल लाइन थाने में एफआईआर तक दर्ज कर दी थी आज वे राम भक्त अयोध्या की लूट डकैती कांड पर चुप है। सोना चांदी नगद सब का हिसाब लगे तो यह डकैती स्वतंत्र भारत की अब तक की सबसे बड़ी लूट है। और यह लूट उसे समय हुई है जब देश के अधिकांश राज्यों में डबल इंजन की सरकार है तो क्या यह मान लिया जाए की लूट की राशि भी सबसे बड़ी होगी इसलिए हम कह रहे हैं कि रामायण के अनुसार एक समय बुराई का प्रतीक रही लंका अब अयोध्या में विचरण कर रही है।


