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बुड़बुड़ खदान से कोयला लेकर निकलने वाले वाहन चालकों द्वारा खेला जा रहा कोयले की अफरा तफरी का खेल, कोल डिपो का मिलावटी कोयला देकर कंपनियों को लगाया जा रहा जमकर चुना

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समाचार - कोरबा
कोरबा/पाली। एसईसीएल की सराईपाली परियोजना अंतर्गत बुड़बुड़ में संचालित ओपन कास्ट खदान से निकलने वाले उच्च क्वालिटी के कोयले को नियोजित कंपनियों तक पहुँचाने हेतु अधिग्रहित अधिकतर वाहनों के चालकों द्वारा परिवहन के दौरान कोल डिपो संचालकों से सांठगाठ व मिलीभगत कर बीच रास्ते मे कोयला की जमकर अफरा तफरी का खेल खेला जा रहा है। जहां कंपनी में मिलावटी कोयला खपाकर जमकर चूना लगाते हुए अमानत में खयानत जैसे कृत्य को अंजाम दिया जा रहा है।
ज्ञात हो कि बुड़बुड़ स्थित एसईसीएल की खदान से कोयला खनन का कार्य गत वर्ष से प्रारंभ किया जा चुका है। इस खदान से कोयला परिवहन हेतु सैकड़ो ट्रक, ट्रेलर वाहन अधिग्रहित है जो नियोजित कंपनियों के लिए कोयला लेकर निकलती है। किंतु कोयला लोड कर बिलासपुर की ओर जाने वाली अधिकतर वाहनों के चालकों द्वारा रास्ते मे संचालित कोल डिपो संचालकों से मिलकर कोयले की अफरा तफरी की जाती है। इस खेल में वाहन में लोड उच्च क्वालिटी का आधा कोयला डिपो संचालक को बेचा जाता है तथा उसके बदले उतनी ही मात्रा में घटिया चुरा व पत्थर युक्त कोयले की मिलावट कर कंपनी को खपा दिया जाता है। इस पूरे खेल में महज 20 से 30 मिनट का समय लगता है। क्योंकि कोल डिपो संचालक के पास इस काम को अंजाम देने के लिए चौबीसों घँटे तौल कांटा व जेसीबी मशीन उपलब्ध रहता है। इस अफरा तफरी के खेल में वाहन चालक व डिपो संचालक द्वारा आपसी मिलीभगत से कंपनी को मिलावटी कोयला खपा और जमकर चूना लगाते हुए दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की कर रहे है।
कंपनी ने पकड़ा मिलावटी कोयला, थाने में की गई शिकायत
बीते दिनों बुड़बुड़ खदान से सिरगिट्टी बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ पॉवर एंड कोल बेनिफिकेशन लिमिटेड कोल वाशरी के लिए कोयला लेकर निकले ट्रेलर क्रमांक CG 10 R 0552 के चालक द्वारा बीच रास्ते मे कोयला की चोरी कर उसमें रिजेक्ट कोयला मिला दिया और कंपनी को पहुँचा दिया। जहां सीनियर मैनेजर को ट्रेलर में लोड कोयले में अफरा तफरी की आशंका हुई और जब कोयले की जांच की गई तो पाया गया कि अमानक स्तर का कोयला है। पूछताछ में मोहतराई निवासी चालक प्रमोद साहू ने बताया कि उसने मौर्य कोल डिपो मोहतराई में कोयला उतरवाकर उसमें डोलाचार व रिजेक्ट कोयला मिक्स कराया है। जिसके पकड़े जाते ही चालक मौके से फरार हो गया। मामले में कंपनी के जीएम पार्थो चक्रवर्ती की रिपोर्ट पर रतनपुर पुलिस ने अमानत में खयानात करने के मामले में धारा 407 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है। 
बगदेवा से बेलतरा के मध्य खुलेआम होता कोयले का काला कारोबार
बता दें कि बगदेवा कोरबा जिले की अंतिम व सरहदी सीमा है। जिसके बाद सीमावर्ती बिलासपुर जिला आता है। जहां बगदेवा परिक्षेत्र से लेकर बेलतरा के मध्य अनेक कोल डिपो कुकुरमुत्ते की भांति उग आए है। जहां रात के अंधेरे के अलावा दिन के उजाले में भी कोयले का काला कारोबार खुलकर होता है। जिन्हें खनिज विभाग अथवा पुलिस का कोई भय नही है। ऐसा लगता है मानो इनके संरक्षण में ही अवैध कोयला का पूरा कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है। जहां बेरोकटोक संचालित हो रहे इस अवैध खेल में कोल आधारित कंपनियों को सीधे चूना लगाया जा रहा है।