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खनन की नई अधिसूचना जारी बढ़ी कोयले की रायल्टी

बिलासपुर 24HNB 

 केंद्र सरकार ने नई खनन नीति को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत कोयला व धातु खदानों के लिए कई नए प्रावधान किए गए हैं। कोयला व धातु खनन कंपनियों के लिए नए लीज लेने व पुरानी लीज का नवीकरण कराने के लिए प्रक्रियाओं को सरल किया गया है। इतना ही नहीं कई मामलों में कैप्टिव माइंस वालों को खुले बाजार में अपना माल बेचने की सहूलियत भी दी गई है। हालांकि ऐसा करने की सीमा निर्धारित की गई है। खुले बाजार में खनन उत्पाद बेचने पर रायल्टी भी बढ़ाई गई है।सरकार की अधिसूचना के मुताबिक अब कैप्टिव माइनिग कर रही कंपनियां अपना 50 फीसद तक उत्पाद बेच सकती हैं। ऐसी कंपनियों को पहले गैर लाभकारी खनन करने की इजाजत थी। इन्हें पावर, स्टील अथवा अन्य उद्योगों में उपयोग के लिए ही खनन पट्टा दिया गया था। नई अधिसूचना में इनके लिए गैर मुनाफाखोर शब्द का इस्तेमाल किया गया है। निजी क्षेत्र में कोल ब्लाकों का आक्शन करने के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है। इससे कैप्टिव माइंस करने वाली कंपनियों को काफी लाभ तो मिलेगा ही कोयला आयात पर भी रोक लग सकेगा। हालांकि ऐसी कंपनियों को सरकार से पुनः इसके लिए लाइसेंस लेना होगा।बढ़ाई गई रायल्टी-सरकार ने अधिसूचना के तहत कैप्टिव माइंस करने वाली कंपनियों के खुले बाजार में कोयला बेचने पर रायल्टी में वृद्धि कर दी है। अन्य धातु खदानों के उत्पादों के विक्रय पर भी रायल्टी में वृद्धि की गई है। यह वृद्धि वर्तमान रायल्टी से 50 फीसद से 250 फीसद तक अधिक की गई है। अधिकांश मामलों में यह वृद्धि नई कंपनियों के लिए ही की गई है।क्या है नई खनन नीति 2021-अधिसूचना के मुताबिक नई नीति अब खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम 2021 कहा जाएगा। पहला अधिनियम 1957 में बना था। जिसमें वर्ष 2015 में संशोधन किया गया था। नए अधिनियम के तहत टोही परमिट, लाइसेंस या खनन पट्टा की जगह अब खनन रियायत का इस्तेमाल किया जाएगा। पूर्वेक्षण लाइसेंस या माइनिग लीज की जगह समग्र लाइसेंस जारी किया जाएगा।