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जसपुर, बलरामपुर की वास्तविकता के साथ महिला दिवस की बधाई
- By 24hnbc --
- Saturday, 07 Mar, 2026
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बिलासपुर, 8 मार्च 2026।
आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है आदर्शवादी बातें लिखने के पूर्व दो बातें में सार्वजनिक जीवन में महिलाओं को भरपूर सम्मान देता हूं। पर यह हमेशा संभव नहीं होता, जब कभी वह अपने व्यावसायिक कर्तव्यों के पालन में जानबूझकर लापरवाही करते हैं तो उनकी वैसी ही आलोचना देवकी से करते हैं जैसे किसी पुरुष की क्योंकि आलोचना पद पर बैठा व्यक्ति की है।
भारत में महिला सुरक्षा एक अत्यंत जरूरी मुद्दा है। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में आज ही की दो खबरों पर ध्यान देना जरूरी है। पति ने सोई हुई महिला का काटा गला यह खबर जयपुर नगर की है। दूसरी खबर बलरामपुर की है दुष्कर्म पीड़िता के परिवार को पंचायत ने किया बहिष्कृत और बकरा भात का दिया दंड। इन दो खबरों से पता चलता है की स्थिति वास्तविक रूप में क्या है। 40% महिलाएं सार्वजनिक स्थानों पर खुद को असुरक्षित पाती है। कार्य स्थल पर भी उत्पीड़न बड़ी समस्या है। चर्चित निर्भया फंड का उपयोग भी पूरा नहीं हो पता आंकड़े बताते हैं कि हर 15 मिनट पर एक बलात्कार हो रहा है। कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न के हर साल 400 से ज्यादा मामले हैं। शहरी क्षेत्रों में शिकायतें होती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक दबाव के कारण मामले दर्ज ही नहीं होते हैं।
बलरामपुर की घटना ऐसी ही है दूसरा समाचार जयपुर नगर पति ने पत्नी की हत्या की चरित्र शंका के कारण हमारे यहां पितृ सत्तात्मक समाज है तो चरित्र की रक्षा की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं की है। और पुरुष की भूमिका चौकीदार की है जबकि चरित्र द्विपक्षी मामला है जब महिला पर चरित्रहीनता का स्लोगन चिपकाए जाता है तो उसके पूर्व से साथी के लिए कोई स्लोगन नहीं होता। जैसे-जैसे बाजार की ताकते मजबूत होगी महिला सुरक्षा, महिला सम्मान के मामलों और उलझेंगे क्योंकि महिला दिवस या अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, नवरात्रियां और ऐसे ही अन्य प्रोपेगेंडा दिवस के दिन इवेंट मैनेजमेंट के आयोजन कर लेना एकदिवसीय सम्मान समारोह आयोजित करके महान दिखाना अलग बात है। और प्रतिदिन समाज की कठोर वास्तविकता अलग बात है।


