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तोड़फोड़ के दौरान नदारत रहे डायोसिस के वीर

मिशन के बाद अब बारी सेंट पॉल की...

24hnbc.com
बिलासपुर, 23 जून 2026। 
प्रशासन ने तय कर लिया है की एक समाज विशेष की ऐतिहासिक विरासत पर अब सरकार का कब्जा होगा। बिलासपुर की कहानी राजधानी रायपुर में भी दोहराई जा रही है। आज सुबह 7:00 नगर पालिक निगम रायपुर में ग्रेस चर्च सीएनआई में तोड़फोड़ कर दी, छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन के जो पदाधिकारी बगैर धारा 27 दिखाएं। प्रशासन के सामने ताला तोड़कर कब्जा करते हैं वे पदाधिकारी ही छत्तीसगढ़ डायोसिस के भी पदाधिकारी है पर इस तोड़फोड़ के दौरान सब नदारत दिखाई दिए। रायपुर के इस परिसर का इतिहास 100 साल से अधिक पुराना है। इसी परिसर में सेंट पॉल स्कूल संचालित है जो अनुदानित है। एक बहुत पुराना चर्च भी है, और अभी हाल ही में पीसी सिंह के समय एक सामुदायिक भवन भी बना आश्चर्य की बात है कि सामुदायिक भवन में शासन का पैसा भी लगा था । यूसीएनआईटीए के नाम की नजूल की यह जमीन का पट्टा नवीनीकरण बहुत समय से लंबित है। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि विभिन्न जिलों की तहसीलों में और नजूल अधिकारियों के समक्ष ईसाई समाज के विभिन्न संस्थाओं का पदाधिकारी बनकर जो लोग आवेदन पत्र जमा करते हैं उनमें से नगर निगम की कार्यवाही के दौरान 
कोई दिखाई नहीं दिया। 
बिलासपुर में दो-तीन वर्ष पूर्व जेकमेन मेमोरियल अस्पताल की 12 एकड़ जमीन का लीज नवीनीकरण रद्द हुआ। डायोसिस के दो पदाधिकारी कोर्ट में एक-एक करके मामला हारते गए अभी यह मामला देश की सर्वोच्च अदालत में लंबित है पर स्टे के बावजूद डायोसिस के पदाधिकारी परिसर के बाहर और परिसर पर नगर निगम बिलासपुर का कब्जा। इस एक विजय के बाद सरकार को यह समझ आ चुका है कि इस समाज विशेष में कुछ ऐसे तत्व हैं जो कमऊ स्थानों पर अवैध तरीके से जमे रहना चाहते हैं और बदले में अपनी सांस्कृतिक विरासत को बगैर प्रतिरोध सौंपने को तैयार हैं। तो बस शहर का नाम बदलता जाएगा और बड़ी सबकी आएगी।