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देश का उड़ान उद्योग संकट में, कौन सुनेगा बिलासपुर की मांग

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बिलासपुर, 16 जून 2026। 
बिलासपुर में हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए चल रहे आंदोलन के लिए कोई अच्छी खबर नहीं है। आंदोलनकारी उड्डयन क्षेत्र की कठिन स्थितियों को नजर अंदाज रखते हुए आंदोलन कर रहे हैं पर कटु सत्य यही है कि बिलासपुर में हवाई सेवाओं के लिए सुनहरा काल कब आएगा कहा नहीं जा सकता है। एयर इंडिया उड़ानों में कटौती आर्डर दिए विमान की डिलीवरी लेने में देर और विस्तार योजनाओं पर विराम लगाने जा रही है। साथ ही उसकी सेवाओं की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल लग गए। घाटे की दलील देकर दशकों से एयर इंडिया के निजीकरण के पक्ष में माहौल बनाया गया। कहां जाता था नौकर साहू के और अकुशल प्रबंधन और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण कर दाताओं के हजारों करोड़ रुपये दुबाये गए। आखिरकार इन तर्कों की जीत हुई। और 2022 में मोदी सरकार ने एयर इंडिया को टाटा ग्रुप को शाप दिया। तब कई लोगों ने कहा कि न्याय हो गया। इंदिरा गांधी जी ने टाटा से विमान छिने थे और मोदी जी ने वापस कर दिया। 
अभी हाल देखें गुजरे साल में टाटा कंपनी को 3बिलियन डॉलर का घाटा हुआ है रिपोर्ट के मुताबिक इसके मद्दे नजर कंपनी ने उड़ानों में कटौती कर दी, ऑर्डर दिए विमान की डिलीवरी लेने में देर और विस्तार योजना पर विराम। इस बीच एयर इंडिया की सेवाओं की गुणवत्ता भी नीचे स्तर पर है। 1 वर्ष गुजरने के बाद भी एआई 171 की दुर्घटना का कारण अज्ञात है। एआई बी ने कहा है कि उड़ान भरने के महज 32 सेकंड के बाद हुई वजह के बारे में भीषण दुर्घटना की वजह के बारे में ठोस नतीजे तक पहुंचने में उसे अभी और वक्त लगेगा। इसे एआई बी की दर्दनाक अकुशलता का सबूत बताया गया है। भारत का उडृडयन बाजार पर दो कंपनियों का वर्चस्व है। उनमें से एक कंपनी इंडिगो पायलटो की कार्य स्थिति संबंधी नियमों को लेकर सेवाओं को ही अस्त-व्यस्त कर देने का जो कथित नजरिया अपनाया उसे प्रतिस्पर्धा खत्म होने के जोखिम खुलकर सामने आ गए। स्थिति यह है कि दोनों कंपनियां यात्री किराए में मनमानी बढ़ोतरी करती है। खड़ी संकट के समय हमने यह खूब देखा ऐसी अवधि कोई नहीं थी जब ऐसे हालात सामने नहीं आते थे। तब सरकारी विमान कंपनी घाटा सहकर भी यात्रियों के हित को प्राथमिकता देती थी। मगर अब यात्रियों के हित आखिरी पायदान पर हैं फिर भी विमानन उद्योग संकट में है इसे उद्योग की नाकामी की मिसाल ही कहा जाएगा। और ऐसे में बिलासपुर शहर में हवाई सेवा विस्तार की बातें पुष्पक विमान चलाने के समान है।