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कल तक ऐशो-आराम, आज 20000 की काटने को मजबूर हैं रसीद

छत्तीसगढ़ डायोसिस में आर्थिक संकट

24hnbc.com
बिलासपुर, 11 जनवरी 2026।
छत्तीसगढ़ के मसीही डायोसिस में गंभीर आर्थिक संकट की खबरें सामने आ रही हैं। जो लोग कभी बड़े-बड़े शहरों में भोजन करते हुए लग्जरी जीवन जीते थे, आज छोटी-छोटी रकम के लिए रसीद काटने और संपत्ति किराए पर देने को विवश हैं।
कल तक यहाँ के कई पदाधिकारी रायपुर में नाश्ता, दिल्ली में दोपहर का भोजन और मुंबई में रात्रिभोज करते थे। वे इंडिगो की फ़्रीक्वेंट फ्लायर उड़ानों का उपयोग करते थे, शानदार एसयूवी कारों का काफिला रखते थे और हर तीन महीनों में लाखों रुपये का पेट्रोल-डीजल खर्च करते थे। उनके पास भारी संख्या में बाउंसर भी होते थे। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है।
आज ये लोग बीस हज़ार रुपये जैसी मामूली राशि के लिए रसीद जारी कर रहे हैं। कुछ लोग लीज की मिशन की खाली पड़ी जमीनों या मिशन हॉस्टलों को विवाह समारोहों के लिए किराए पर दे रहे हैं। एक उदाहरण में, किसी ने अपनी कार की ईएमआई भरने के लिए खाली गर्ल्स हॉस्टल को नर्सिंग स्कूल के रूप में उपयोग करने की व्यवस्था की है।
यह संकट मुख्य रूप से पिछले एक वर्ष में तब उत्पन्न हुआ जब बिशप और उनके दो सहयोगी (जिन्हें कुछ लोग आरएसएस से जुड़े कार्यकर्ता बताते हैं) ने इस 125 वर्ष पुरानी संस्था के प्रबंधन में बड़े बदलाव किए और आपराधिक गतिविधियां प्रारंभ कर डाली । आरोप है कि इससे संस्था लगभग सरकारी नियंत्रण में चली गई है और दोनों पदाधिकारी सड़कों पर आ गए हैं।
पास्टरों को कई महीनों से वेतन नहीं मिल रहा है। बिशप की स्थिति अलग हो सकती है, लेकिन इन दो सहयोगियों के भविष्य को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि अब उन्हें कौन नौकरी देगा।
यह स्थिति डायोसिस के सदस्यों और कर्मचारियों के बीच गहरी निराशा पैदा कर रही है। संस्था की संपत्ति और आय के स्रोतों पर विवाद तथा प्रशासनिक नियंत्रण के कारण यह संकट बढ़ा है। वर्तमान में कोई आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है, लेकिन स्थानीय चर्च समुदाय में चर्चा तेज है।
यह घटनाक्रम एक पुरानी और प्रतिष्ठित धार्मिक संस्था के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। उम्मीद है कि जल्द ही उचित समाधान निकलेगा ताकि प्रभावित लोगों को राहत मिल सके।