No icon

24hnbc

अस्थमा का किया इलाज, संकट में डाल दिया मूत्राशय

24hnbc.com
बिलासपुर, 11 मार्च 2026।
बड़े अस्पतालों की घोर लापरवाही तब पीड़ा दी बन जाती है। जब कोई परिवार अपना सदस्य खो बैठता है। भिलाई का स्पर्श मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल फिर से विवाद के घेरे में है। इस बार मामला 85 वर्षीय बुजुर्ग का है लापरवाही पूर्ण चिकित्सा बीमार मरीज को ट्रेनिंग का जरिया बनाने से बुजुर्ग की मौत हो गई। 
मृतक की पोती दिव्या शुक्ला ने हर स्तर पर शिकायत की शिकायत के अनुसार चंद्रशेखर प्रसाद शुक्ला सांस की तकलीफ के कारण 23 फरवरी को अस्पताल पहुंचे हुए अपनी स्कूटी स्वयं चला कर आए थे। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें जबरन आईसीयू में भर्ती कर दिया बगैर सहमति कैथेटर लगाया और कैथेटर भी अनुभवहीन असिस्टेंट से लगवाया कैथेटर लगाने से हुई गलती जानलेवा हो गई। कैथेटर फट गया और अस्पताल वालों ने इस तथ्य को छुपाया। डिस्चार्ज के बाद इसे सामान्य कहकर भ्रमित किया। मरीज के परिजनों को 6 दिन बाद पता चला कि मामला बेकाबू हो गया है। सिस्टोस्कोपी में दिख रहे साक्षी स्पष्ट करते हैं कि स्पर्श में घोर लापरवाही हुई है। भिलाई का स्पर्श हॉस्पिटल पूर्व से विवादित है बेसमेंट में मैनीफोल्ड रूम और ऑक्सीजन प्लांट संचालित करने की शिकायत पूर्व से है। 
100 बिस्तर अस्पताल बगैर पार्किंग के चल रहा है। यह मामला उच्च न्यायालय भी गया था उच्च न्यायालय ने 45 दिन के भीतर जिला स्वास्थ्य अधिकारी से रिपोर्ट मांगी थी 100 बिस्तर का अस्पताल बगैर पार्किंग के चलता है ऊपर से मैनीफोल्ड रूम व ऑक्सीजन प्लांट पर पार्किंग लिख दिया गया है। कुल मिलाकर स्पर्श के लापरवाही से एक बुजुर्ग चल बसा।