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स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में दाखिला घोटाला .... शिवसेना

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बलौदाबाजार, 29 सितंबर 2024। समाचार संकलन जिला प्रतिनिधि
शिवसेना की जिला इकाई ने एक चौंकाने वाला मामला उजागर किया है, जिसमें स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, सुहेला में दाखिले के लिए रिश्वतखोरी का गंभीर आरोप लगाया गया है। शिवसेना के छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रमुख धनंजय परिहार और जिला इकाई के उपाध्यक्ष केशव राम साहू ने जिला शिक्षा अधिकारी व सचिव इन्द्रजीत साहू ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत पत्र सौंपते हुए आरोप लगाया कि इस स्कूल के शिक्षक चन्द्रभूषण माण्डले और प्राचार्य दानेश्वर कोसले दाखिला प्रक्रिया के दौरान अभिभावकों से पैसे की मांग कर रहे हैं।
शिवसेना ने पेश किए सबूत
शिवसेना द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2024-2025 के दौरान कक्षा 1 और कक्षा 2 में दाखिले के लिए कुछ अभिभावकों से रिश्वत ली गई है। शिकायत में कहा गया है कि एक पालक ने लिखित में यह बयान दिया है कि उससे शिक्षक और प्राचार्य ने पैसे लिए, और इसके समर्थन में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई गई है। यह मामला तब सामने आया जब शिवसेना सचिव, जिला बलौदाबाजार, को अभिभावक ने यह जानकारी दी।
शिवसेना की त्वरित कार्यवाही की मांग
शिवसेना के नेताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी से अनुरोध किया है कि इस मामले में तुरंत कार्रवाई की जाए और दोषियों पर सख्त से सख्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कृत्य शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर धक्का हैं और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने जिला कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी (रा०) सिमगा, और स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल की समिति के अध्यक्ष को भी इस मामले की जानकारी दी है।
शिवसेना का बयान
शिवसेना उपाध्यक्ष केशव राम साहू व सचिव इन्द्रजीत ने कहा, "शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र में इस तरह के भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हमने पालकों से मिली शिकायतों के आधार पर यह मामला उजागर किया है और दोषियों को सजा दिलाने की पूरी कोशिश करेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला समाज और शिक्षा जगत के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है, और ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई होना चाहिए।
शिवसेना के प्रदेश प्रमुख धनंजय परिहार ने भी इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है और कहा कि यदि प्रशासन त्वरित कार्रवाई नहीं करता, तो वे इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
जांच की मांग
शिवसेना ने मांग की है कि इस मामले की गहन जांच की जाए और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पार्टी का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में इस प्रकार की रिश्वतखोरी समाज को ध्वस्त करने वाली है और इसे किसी भी कीमत पर रोका जाना चाहिए।
आगे की कार्यवाही का इंतजार
अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पर हैं कि वे इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। अगर यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह एक बड़ी प्रशासनिक और नैतिक विफलता मानी जाएगी।
 जांच करवाते हैं जांच सिद्ध होने पर उचित कार्यवाही की जाएगी। हिमांशु भारती जिला शिक्षा अधिकारी