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जिसे माना जाता था हर समस्या का समाधान आज वही बन गया है समस्या
- By 24hnbc --
- Tuesday, 02 Jun, 2026
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बिलासपुर, 3 जून 2026।
तैयार रहिए अब प्रतियोगी परीक्षाओं के संदर्भ में भी सरकार आम जनता को कुछ नहीं बताएगी क्योंकि यह पूरा मामला सेना से जुड़ जाएगा। सेना राष्ट्रवाद से जुड़ी है और पूछने पर हमारी आपकी राष्ट्रभक्ति पर प्रश्न चिन्ह लग जाएगा। पढ़ने वालों को लग सकता है कि हम आती बोल रहे हैं पर यही सच्चाई है। याद करें हमें पैगासस के बारे में कुछ नहीं बताया गया और जहां जवाब देना था वहां भी यह कह दिया गया कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है।
दूसरा उदाहरण राफेल कीमत नहीं बताई गई कहा गया कीमत बता देने से पता चल जाएगा कि उसे विमान में क्या-क्या लगा है मामला राष्ट्रीय सुरक्षा का है। और तीसरा उदाहरण पहलगाम हमला, कुछ नहीं बताया गया क्योंकि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा का है। चौथ ऑपरेशन सिंदूर और उसमें गिरे विमान, कोई जानकारी नहीं दी गई क्योंकि मामला भारतीय सेनाओं के सम्मान का है। अब जब यह कहा जा रहा है कि परीक्षा प्रश्न पत्र वायु सेवा के द्वारा पहुंचाया जाएगा तो समझ लीजिए की परीक्षा भी राष्ट्रीय हित से जुड़ गई।
असल में प्रधान सेवक और प्रधान जी समस्या से घटिया समाधान खोज रहे हैं। हम बात नीट परीक्षाओं की कर रहे हैं और साथ में उन्हें सब परीक्षाओं की कर रहे हैं जिन्हें करने का काम सरकार या उनकी एजेंसियां करती है और सबके परिचय लीक हो जाते हैं।
छत्तीसगढ़ में 2003 से 15 साल तक भारतीय जनता पार्टी का शासन रहा और उसके मुखिया डॉक्टर रमन रहे। वे हर चुनाव के पहले ग्राम सुराज जैसा कार्यक्रम चलाते थे। अगले पड़ाव में जाने के पहले सुबह वे पत्रकारों से बात करते थे। बिलासपुर जिले के रतनपुर ब्लॉक स्थित गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता थी उसे समय हमारा उनसे एक ही प्रश्न था क्या कारण है कि तीसरे कार्यकाल में भी एक बार भी ऐसा मौका नहीं आया कि कोई परीक्षा बगैर विवाद के संपन्न हुई। एक लाइन के प्रश्न का जवाब डॉक्टर साहब ने पूरे 25 मिनट दिया पर परचा आउट होने पीएससी और, व्यावसायिक परीक्षा मंडल में व्याप्त भ्रष्टाचार और पेपर बेच देने के मामलों में वे असल उत्तर नहीं दिए। तो यही स्थिति आज भारतीय जनता पार्टी वाले केंद्र शासन की है। असल में यह पूरा एक नेक्सस है जिसमें अपंजीकृत संगठन से जुड़े हुए लोग अपनों का लाभ करते हैं और पैसा कमाते हैं। क्या आपको आश्चर्य नहीं लगता कि शिक्षा मंत्री इस स्थिति से निकलने के लिए शिक्षा विदो के पास न जाकर रक्षा मंत्री के पास जाते हैं
2024 में जब पेपर लीक हुआ तो शिक्षा मंत्रालय ने इसरो के अध्यक्ष की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई और उसे कमेटी की सिफारिशे धूल खा रही है असल में उन्होंने इसरो जैसी प्रतिष्ठित संस्थान का नाम लेकर लोगों के गुस्से को शांत किया अब वही काम वायु सेना का नाम लेकर किया जा रहा है। पेपर किसी भी तरीके से पहुंचाया जाए असल में पेपर तो वहीं से लीक हो रहा है जहां तैयार किया जा रहा है तो पहुंचने में वायु सेवा लगाओ, मारुति नंदन लगाओ या कुछ और इसलिए हम कह रहे हैं कि समाधान में ही गंदगी है।
सुप्रीम कोर्ट ने जब कहा कि यूपीएससी सबक ले तो सीधा अर्थ है एनटीए को वैधानिक संस्था बनाया जाए। आज मेडिकल की पढ़ाई बहुत महंगी है तभी तो लोग 10-20 लाख रुपए देकर पेपर खरीदने का विकल्प चुनेते हैं। क्योंकि दूसरा विकल्प कैपिटेशन फीस तो करोड़ में है। इसलिए मेडिकल की पढ़ाई को सस्ता बनाईए।


