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लो अब हसदेव में और काटे जाएंगे वृक्ष , मिल गया 12 वर्ष का तोहफा
- By 24hnbc --
- Sunday, 14 Jun, 2026
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बिलासपुर, 15 जून 2026।
एक तरफ मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर पूरे देश के तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी उपलब्धियां गिनाई जा रही हैं पर यह कोई नहीं बता रहा कि एक उपलब्धि यह भी है कि छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य में स्थित केते एक्सटेंशन कॉल ब्लॉक को स्वीकृति मिल गई जिसका अर्थ है कि 1762 हैकटेयर वन क्षेत्र को कोयला खदान बनाने के लिए 7 लाख से अधिक प्राकृतिक साल वर्षों की बलि दी जाएगी। मध्य भारत का यह सबसे विविधता भारत जैव परिक्षेत्र है। हजारों आदिवासियों की आजीविका, संस्कृति , जल स्रोत, और वन्यजीवों का आधार है। पर इस शब्द से मोदी एंड कंपनी को क्या फर्क पड़ता है। कोयला खनन के नाम पर लगातार जंगलों का विनाश जारी है। इससे पहले हसदेव क्षेत्र में ही संचालित खदान के लिए 10500 एकड़ से अधिक समृद्ध वन्य भूमि उजाड़ दी गई है। इसका विरोध लगातार हो रहा है पर पूंजीपतियों वाली सरकार को आदिवासी को भूमिपुत्र का तमगा देकर उससे उसका जल जंगल जमीन सब ले लिया जा रहा है। हसदेव अरण्य के वन क्षेत्र कटने का परिणाम नागपुर का केशव कुंज तक गर्म हो रहा है। पर दोस्तों की तिजोरी भर रही है तो सब उचित है। और यह सब कुछ तब हो रहा है जब छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री स्वयं आदिवासी वर्ग से आते हैं।


