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कोटा का निजी विश्वविद्यालय शिक्षा के गुणात्मक पतन का बड़ा केन्द्र

नेक से मिली ग्रेडिंग तो खबर, पर टीम के निरीक्षण की खबर को प्रायोजित तरीके से विलुप्त किया गया

24hnbc.com
बिलासपुर, 24 जनवरी 2024।
शिक्षा के सुलभीकरण को अपना आदर्श बनाने के बाद कोटा के निजी विवि ने शिक्षा के गुणात्मक स्तर को बहुत नुकसान पहुंचा हाल ही में नेक की जिस टीम ने भी माप डंडों के जिन बिंदुओं पर इस विवि को ग्रेडिंग प्रदान की है निश्चित ही उनका पुनः परीक्षण और पुनर्निरीक्षण होना चाहिए। ऐसा नहीं है कि इस निजी विवि मैं सब कुछ नीरापद है। नियम विपरीत तरीकों से डिस्टेंस एजुकेशन के पाठ्यक्रम चलकर शिक्षा के स्तर को इन्होंने अपूर्ण क्षति पहुंचाई है। आउटडोर मीडिया कैंपेनिंग इवेंट मैनेजमेंट की दम पर भले ही यह निजी विवि बिलासपुर कोनी स्थित राज्य स्तरीय विवि को भले ही पछाड़ता रहे पर शैक्षणिक गुणवत्ता के स्तर पर दोनों के बीच कोई तुलना नहीं है। बाजार की ताकतों से संचालित होकर अधिकांश रजिस्टर को प्रमुखता के साथ प्रस्तुत करना विशेष अवसर पर कुलाधिपति को प्रस्तुत करना और हमेशा एकेडमिक हेड कुलपति को गायब रखना इस विवि की विशेष पहचान है।
नेक टीम ने ग्रेडिंग दी तो खबर बनी पर क्या कारण है कि नेक टीम के दौरे को छुपाया गया यहां तक की तीन दिवसीय इस दौरा कार्यक्रम के दौरान जब कभी भी विवि के जनसंपर्क अधिकारी को संपर्क किया गया उन्होंने ना तो मोबाइल अटेंड किया ना ही उसे दौरान कॉल बैक किया। इतना ही नहीं नेक टीम के परीक्षण के दौरान किसी भी दैनिक अखबार में यह समाचार भी प्रकाशित नहीं हुआ जबकि विवि अपने निजी प्रयास से फैकल्टी के पूर्व छात्रों को भी निजी संपर्क के माध्यम से विश्वविद्यालय बुलाया था। और ऐसे छात्र जो यहां से पढ़ाई छोड़ भी चुके हैं पहुंचे भी थे।
विवि में पढ़ चुके फार्मेसी के एक छात्रा ने बताया कि यहां पर एक ही कोर्स के तीन फीस होती है फार्मेसी को तो ठेके पर दे दिया जैसा लगता है। वर्ष 2023 के परिणाम में आधा दर्जन छात्र से भी कम पास हुए बाद में परीक्षा परिणाम को एडजस्ट किया गया। फैकल्टी में योग्यता की अपेक्षा निजी पसंद, नातेदारी, रिश्तेदारी, रिकमेंडेशन चयन में पात्रता के लिए विशेष मायने रखती है। वेतन को लेकर भी फैकल्टी में रोस है, पर विकल्प सीमित होने के कारण स्टाफ चुप रहना बेहतर समझता है। बच्चा पकड़िया ही विशेष योग्यता है।
छात्रों का पसंदीदा स्थान कैंटीन है खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से कोसों दूर है। नेक टीम के निरीक्षण के दौरान बिजली के उपकरण बंद रहे बताया जाता है कहीं ना कहीं भुगतान संकट भी गहराता रहा कहते हैं कि कांग्रेसी आशीर्वाद से प्रारंभ हुआ यह निजी विश्वविद्यालय धीरे-धीरे भाजपा को भी आत्म साथ करता गया और अब दोनों राजनीतिक दलों के बीच ईकलीयर और कैब्रीज तक समान दोस्ती है।
समय-समय पर प्रदेश की मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री की योजनाओं को लागू करने का रॉक गंदा करने वाला यह विवि पीएचडी के स्तर को भी निचले पायदान पर ले जाता है हाल ही में राज्य के आबकारी घोटाले से चर्चित एक अधिकारी यही से पीएचडी प्राप्त किए हैं। शिक्षा का बाज़ारी कारण यहां इतना हावी है कि इस विवि के बीपीएड विभाग के एक लोकल शिक्षक जो यही नौकरी करते थे ढाबा चलाते थे ने यहीं से कमा कमा कर अपना निजी कॉलेज खोल लिया। लोग दावा करते हैं कि यह विवि दिल खोलकर सीएसआर की भावना से जिले भर के कार्यक्रमों को सहयोग करता है करण पंजीरी बनेगी सब में बटेगी और पंजीरी खाकर मुंह नहीं खुलेगा।