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अंग्रेजी और माइनस मार्किंग सिविल जज प्रतियोगिता के प्रतियोगी भ्रम में

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बनने के बाद से न्याय सेवाओं की परीक्षाएं हमेशा विवाद में रही यहां तक की सिविल जज परीक्षा में उच्च न्यायालय स्तर तक पर भाई भतीजावाद के आरोप लगे इस बार भी लोक सेवा आयोग छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठा पर आंच आ गई है। पहला सवाल तो अंग्रेजी विषय को लेकर है ऐसा माना जाता है कि अपनों को लाभ देने के लिए इसी विषय को आधार बनाया जाता है । सिविल जज यह परीक्षा 32 पदों के लिए आयोजित की गई है। विज्ञापन में ऑनलाइन परीक्षा की बात की गई और बाद में ऑफलाइन पर परीक्षा हुई जब हर परीक्षा से माइनस मार्किंग समाप्त हो गई तब सिविल जज परीक्षा में गलत उत्तर लिखने पर 1/3 अंक कटने की बात आ गई है। इसके पहले कभी भी माइनस मार्किंग नहीं थी परीक्षार्थियों को परीक्षा देते समय माइनस मार्किंग का निर्देश नहीं था अधिक से अधिक प्रश्नों का जवाब देना अच्छी बात मानी जाती है। अब गलत जवाब पर माइनस मार्किंग, सिविल जज का परीक्षा कपिल शर्मा का शो हो गया है। परीक्षा में प्रश्न पत्र की समय अवधि को लेकर भी भ्रम है परीक्षा ली 2 घंटे में जबकि प्रश्नपत्र में 3 घंटे का जिक्र था कुल मिलाकर परीक्षा का परिणाम जो भी हो पूरी प्रक्रिया को रीट में चुनौती मिलेगी।