No icon

24hnbc

लोकतंत्र में तंत्र के लिए सर्किट हाउस का लोकार्पण

बिलासपुर (24 एच एन बी सी ) । छत्तीसगढ़ राज्य में विशेषकर बिलासपुर में सरकारी योजना अगले 10 साल को ध्यान में रखकर भी नहीं बनाई जाती जबकि पूर्व में एक ही योजना में दोबारा संशोधन दो से तीन दशक के बाद ही होता था एक तरफ नेता स्वयं को आम जनता के बराबर दिखाना चाहते हैं। घोषणापत्र के समय सड़क पर फुटकर सब्जी व्यापारी के पास बैठकर उससे यह पूछते हैं कि उसे शासन कैसा चाहिए और बाद में लोक और राजा के बीच इतना अंतर आ जाता है कि लोग राजा से बात करने में भी हिचकीचाता है।

             3 जनवरी को लोकतंत्र के राजा अपने जैसों के आराम के लिए सर्किट हाउस का लोकार्पण करेंगे जबकि करोड़ों रुपए की जनता की कमाई से उन्होंने इसे अपने और अपने जैसों के लिए बनाया है। लोकार्पण तो उस विधा का होता है जो लोक के लिए होती है जबकि सर्किट हाउस जैसी सुविधाएं तंत्र के लिए होती है बिलासपुर में प्रारंभ से ही एक सर्किट हाउस और एक गेस्ट हाउस था । यह दोनों पीडब्ल्यूडी के पास थे अन्य सुविधाएं जैसे एसईसीएल, फॉरेस्ट, विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस उनके अपने थे । 

       2001 में नये और सुविधाजनक गेस्ट हाउस की जरूरत पड़ी , तब जीरो प्वाइंट पर स्थित गेस्ट हाउस को छत्तीसगढ़ भवन के नाम से दोबारा बनाया गया । इसकी खूबसूरती देखते ही बनती थी आवास क्रमांक 1 मे तो देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई भी आकर रुक चुके हैं। उस वक्त की यूपीए चेयरपर्सन श्रीमती गांधी ने भी यहां पर 1 दिन से अधिक समय बिताया छत्तीसगढ़ भवन की अपनी लोकप्रियता रहे और इसे देशभर के मेहमानों ने पसंद भी खूब किया। किंतु आधुनिक राजाओं को और अधिक सुविधाएं अच्छी लगती हैं। इसलिए छत्तीसगढ़ भवन के स्थान पर सर्किट हाउस को फिर से 6.59 करोड़ की मात्र राशि से और बड़ा बनाया गया । एक एक कक्ष में दो से अधिक एलसीडी स्क्रीन बैठक का डाइनिंग का ड्रेसिंग रूम और एक से ज्यादा आवास तथा सुईट मे एक से ज्यादा लेट बाथ भी है वह भी कांच के दरवाजों के साथ, ऐसा आधुनिक राजमहल का लोकार्पण मात्र 5 मिनट में हो जाएगा और इसी राजमहल में लोकतंत्र के राजा 4 तारीख को शहर के महापौर और पार्षदों से मिलेंगे क्योंकि 4 तारीख को महापौर का 1 साल का कार्यकाल पूर्ण हो रहा है।