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आर्क बिशप के कहने पर बनी फैक्ट फाइंडिंग कमेटी

लंदन तक पहुंचा छ.ग. की बिशप सुषमा का मामला

24hnbc.com
बिलासपुर, 22 फरवरी 2026। 
छत्तीसगढ़ डायोसिस की शिकायतें इतने फोरम पर हुई कि मामला चर्च ऑफ इंग्लैंड के आर्क बिशप तक पहुंच गया तब कहीं जाकर सीनेट दिल्ली कैनिंग ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की और जांच की बात कही बगैर लाग लपेट जांच जिन बिंदुओं पर होनी है। छत्तीसगढ़ डायोसिस में सीएनआई की संपत्ति के अवैध बिक्री फंड्स का दुरुपयोग और गवन इसी स्कूलों और संस्थाओं के करोड़ रूपयों का गलत उपयोग कुछ नाम मात्र के ईसाइयों द्वारा सीएनआई संपत्तियों पर गौशालाएं खोलकर सफ्रानाजेशन करना जांच समिति का अब जो मामला जोर-शोर से उठ रहा है वह है छत्तीसगढ़ डायोसिस की बिशप के नेतृत्व में दर्जनों परिवारों को समाज से बाहर करने का आदेश...
यह देश संविधान में उल्लेखित मौलिक अधिकारों का ही उलझन है। एक वरिष्ठ नागरिक जिन्होंने सीएनआई, छत्तीसगढ़ डायोसिस, छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन के भीतर कई सालों से चल रहे नियम विरुद्ध गतिविधियों पर अलग-अलग फोरम पर शिकायतें दर्ज कराई और उनका परिणाम यह कि उन्हें झूठे मामलों में फंसा कर जेल तक भेजा गया, ने कहा कि बहिष्कृत किया गया मसीह यदि गर्भवती हो जाए तो उनके अंदर पाल रहे भ्रूण का भी बहिष्कार किया गया है। मेरी उम्र स्वयं ऐसी है कि मेरा जीवन कभी भी समाप्त हो सकता है और ऐसे में मुझे प्रभु की वाटिका (कब्रिस्तान) मैं दफन होने के लिए भी स्थान नहीं मिलेगा... इसलिए सबसे पहले तो सीनौट इस आदेश को खत्म करें क्योंकि जो सदस्य दसवां, चढ़ावा और दान देता है उन्हें पूरा अधिकार चर्च की प्रार्थना में शामिल होने का एक अन्य समस्या जो मसीह समाज के स्कूल से जुड़ी है। वह है 3 महीने से अधिक का समय हुआ वेतन नहीं मिला दो कर्मचारी जो नियम पूर्वक निलंबित किए गए थे जिन पर आर्थिक भ्रष्टाचार के आरोप हैं उनका निलंबन वापस लेने के लिए दबाव डाला जा रहा है और 1000 कर्मचारियों का वेतन अटका दिया गया।