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बंद पड़ी ओपन कास्ट से कोयला तस्करी को पुलिस , राजनैतिक संरक्षण
बिश्रामपुर धनबाद की तर्ज पर एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र की करीब दो वर्ष से बंद पड़ी अमेरा ओपन कास्ट परियोजना की चारदीवारी के समीप सुखरी गांव से गुजरी घुनघुट्टा नदी में इन दिनों कोल माफियाओं द्वारा पुलिसिया सांठगांठ से कोयले की अवैध खोदाई कर भारी पैमाने पर कोयले की तस्करी की जा रही है। अवैध कोयला उत्खनन में माइनिंग विभाग की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। वहीं सूरजपुर समेत सरगुजा एवं बलरामपुर जिले में एसईसीएल की कोयला खदानों से भारी मात्रा में कोयला चोरी करा कर कोयले की तस्करी का कार्य किया जा रहा है।एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र की अमेरा ओपन कास्ट परियोजना के समीप स्थित सुखरी गांव से गुजरी घुनघुट्टा नदी में कोल माफिया द्वारा धड़ल्ले से कोयले की अवैध खदान संचालित कर लाखों रुपए के कोयले की तस्करी की जा रही है। कोयले के अवैध कारोबार में गांधीनगर पुलिस समेत माइनिंग विभाग की भूमिका सवालों के घेरे में है। वहीं एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र की गायत्री, रेहर, कुमदा 7-8 एवं बलरामपुर खदानों समेत भटगांव क्षेत्र की महान एक, दो, तीन कोयला खदानों से कोल माफियाओं द्वारा भारी मात्रा में कोयले की चोरी करा कर ट्रकों के जरिए धड़ल्ले से रोजाना लाखों रुपए लागत के कोयला तस्करी के कार्य को अंजाम दिया जा रहा हैं। बेरोकटोक जारी कोयला तस्करी केकार्य को कथित पुलिस अधिकारियों की सांठगांठ होने के साथ साथ राजनीतिक संरक्षण होना बताया जा रहा है।


