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गीता प्रेस सिक्के का दूसरा पहलू ......
- By 24hnbc --
- Friday, 23 Jun, 2023
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बिलासपुर समाचार, 24 जून 2023। गीता प्रेस गोरखपुर को गांधी शांति पुरस्कार भारत सरकार ने दीया सुनकर जरा भी आश्चर्य नहीं लगा। भाजपा दोहरे मापदंड वाली राजनीतिक पार्टी है इसे कई लोग जानते हैं कहते हैं इस बात पर मेरठ उत्तर प्रदेश के एक के कार्यक्रम में मोहर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वर आनंद जी ने भी लगा दी, मूल बात गीता प्रेस गोरखपुर के संदर्भ में उनके द्वारा प्रकाशित पुस्तक कल्याण, नारी की सामग्री पर बात इसलिए कर रहे हैं कि लेखक दर्शनशास्त्र का छात्र लिहाजा पाठ्यक्रम में वेद उपनिषद पढ़ने पड़े अतः स्वाध्याय हिंदू धर्म/ सनातन में सहज रूचि ने कल्याण के अंक भी पड़वा दिए इसीलिए स्पष्ट कर रहे हैं कि यह प्रकाशन शुद्ध रूप से पुरुष सत्तावादी स्त्री विरोधी मानसिकता वाला है। गांधी और गीता प्रेस के फाउंडर जय दयाल गोयल का हनुमान पोद्दार के मध्य मतभेद 1946 के पूर्व ही शुरू हो गया था। प्रकाशन की स्त्री विरोधी बाद में पहले यह कि दोनों मारवाड़ी व्यापारी पोद्दार और गोयल का गांधी जी से विरोध का प्रथम चरण मंदिरों में एससी वर्ग के प्रवेश को लेकर था गांधी जी इनके मंदिर प्रवेश को लेकर अति गंभीर थे और मारवाड़ी द्यवै इसके विरोध में बाद में गीता प्रेस की किताबों में नेहरू अंबेडकर द्वारा प्रस्तुत हिंदू कोट बिल का खूब विरोध किया गया कारण गीता प्रेस महिलाओं के अधिकार का विरोधी रहा, वह हमेशा इस बात का समर्थक रहा कि स्त्री का कोई भी रूप हो उसे जीवन के अलग-अलग चरण में पिता, भाई, पति, पुत्र के शासन में रहना पड़ेगा। भाजपा इन दिनों बड़ी तेजी से मनुसति और वेदों की ओर लौट रही है परिणाम संतुलित समाज के डगर से भटकना नहीं विस्थापित होकर पतन के हाईवे पर खुलेगी। 40 के दशक में नारी शीर्षक किताब में काल्पनिक पात्र सविता और सरला का संवाद पढ़ ले पता चलेगा कि गीता प्रेस के अनुसार स्त्री का काम पुरुष की सेवा, पुत्रों को जन्म देना और घर का काम करना है तत्काल इस विचारधारा को महिला पहलवान आंदोलन और मोदी सरकार के कार्यप्रणाली से जोड़ ले पता चल जाता है। कि भाजपा कितनी दोहरे मापदंड वाली है लगे हाथो यह भी जान लें हनुमान पोद्दार की गिरफ्तारी गांधी हत्याकांड के संदर्भ में भी हुई थी हालांकि बाद में वे छूट गए थे कांग्रेस की गलती या अच्छाई यही है कि वह देश के भीतर सबको साथ लेकर चलना चाहती है और किसी से भी मुक्त करने की बात नहीं करती.....


