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समाचार -
बिलासपुर, 27 अप्रैल 2023 । लासपुर मे कांग्रेस कि सरकार आने के बाद जिस तेजी से शहर मे भू माफिया कि फ़ौज मे बढ़ोत्तरी हुई है उसमें एक पूर्व चर्चित तहसीलदार की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। इस तहसीलदार ने बिलासपुर मे एक नयी परम्परा स्थापित की, किसानो से भागीदारी मांगने का, किसी भी भू स्वामी के ज़मीन मे थोड़ा भी दिक्क़त रहता तो सीधे आधे की हिस्सेदारी मांगने का परम्परा चालू कर दिए थे। कोई भी अवैध प्लाटिंग करता तो सीधे बोलते कि मेरा भी पैसा लगाओ और हिस्सेदार बनाओ लेकिन सरकारी पैसा अलग से दोगे परिवार कि आपसी जमीन कि लड़ाईयों का फायदा उठाने का चलन चालू हो गया है यह एक प्रकार से अतीक अहमद वाली प्राशासनिक गुंडा गर्दी चालु कर दिए थे इसमें उनका साथ बड़े से लेकर छोटे भू माफिया भी देने लगे क्योंकि सबको पैसा दिख रहा था. शहर के बेरोजगार भटके युवाओं को थोड़ा थोड़ा पैसा का लालच देकर ज़मीन खाली करवाने ज़मीन कब्ज़ा करवाने के धंधे मे लगा दिए थे। शहर मे अभी भी जितने ज़मीन के विवाद हो रहें है उनमें इस पूर्व तहसीलदार की भूमिका है ही अभी भी वह दीगर जिले से आपरेट कर रहा है कण्ट्रोल कर रहा बिलासपुर के ज़मीन के जितने विवादित मामले है उनमे से अधिकांश का एग्रीमंट इस पूर्व तहसीलदार के पास ही है। अगर राज्य सरकार की एलआईबी सुक्षमता से जाँच करें, कॉल डिटेल्स, लोकेशन की जाँच करें तो हो सकता है और भी बड़े बड़े खुलासे हो सकते हैं। ईडी केवल कुछ सौ करोड़ के घोटाले की जाँच के लिए माथा पच्ची कर रही है जबकि इस पूर्व तहसीलदार के द्वारा कई कई सौ करोड़ से ऊपर के ज़मीनो मे अपने गैंग के साथ हाथ साफ कर दिए इस पूर्व तहसीलदार का सिण्डिकेट इतना विस्तार ले चूका है कि इनके तार नेपाल के बड़े माफिया से जुड़े बताते है। एक महँगी विदेशी गाड़ी मे चलने वाला नवा नवा भूमाफिया इनका विशेष सहयोगी है जिनकी मदद से बिलासपुर कि विवादित जमीनों के सौदो मे ये फंडिग करवाते है।
अगर इनके सिण्डिकेट कि बारिकी से जाँच बस हो जाए कई कई सफ़ेदपोश बेनक़ाब हो जायेंगे। जमीनों में हिस्सेदारी मांगने की आदत साईं बाबा मंदिर के सामने तक पहुंच गई है। एक राजस्व अधिकारी जिनका सहनाम से जिले में एक बड़ा पुलिस अधिकारी भी पदस्थ है इन दिनों पार्टनरशिप पर जमीन के व्यवसाय में सीधा प्रवेश कर गए हैं। इनके पूर्व एक तहसीलदार जिनके नाम मे ही जमानत शब्द जुड़ा था अपनी कार्यप्रणाली को दान देकर गए हैं। असल में पूरा खेल एक कोचिंग संस्थान से शुरू होता है जिसका मालिक प्रमोटी आईएएस बन गया था और उद्गम से ही गंदगी प्रारंभ होने पर अंत ऐसा ही होता है।


