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दो योग्य अधिकारी रहते हुए सकरी परियोजना की अधिकारी को प्रभार देना क्या है मंशा डीपीओ की....?

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समाचार -
बिलासपुर । महिला एवं बाल विकास विभाग बिलासपुर मैं अजीबो-गरीब खेल चल रहा है। रेडी टू ईट, स्व सहायता समूहों को लेकर गड़बड़ ढाला की शिकायतें , स्थानांतरित पर्यवेक्षक और कर्मियों को दो-दो साल से भार मुक्त नहीं करने, डायरेक्टर के आदेश की अनदेखी सहित और भी अनेक शिकायतो के बाद यह भी खबर है कि शहरी परियोजना में परियोजना अधिकारी का पद रिक्त हो जाने बाद नियमानुसार जिला मुख्यालय में खाली बैठे दो अधिकारियों उमा शंकर गुप्ता जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी और नेहा राठिया में से किसी एक को शहरी परियोजना का प्रभार दिया जाना था मगर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सकरी में पदस्थ महिला परियोजना अधिकारी पुष्पा कुजूर को शहरी परियोजना का अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी दे दी जबकि जिला कार्यालय में दो अधिकारी ऐसे ही बैठे हुए है । अभी चूंकि रेडी टू इट कार्यक्रम संचालित करने के लिए योग्य ?महिला समूहों का चयन करना है और इसके लिए डीपीओ ने सकरी की परियोजना अधिकारी को जिला मुख्यालय में बैठे दो अधिकाररियो के मुकाबले ज्यादा योग्य कैसे पाया यह विचारणीय है । आश्चर्य तो यह है कि जिले में बैठे कांग्रेस नेताओ और कांग्रेस संगठन के पदाधिकारियों को डीपीओ के ऐसे कारनामे दिखाई ही नहीं दे रहे है ।