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बड़ा झटका लगेगा साय को

4 जून छत्तीसगढ़ में लोकसभा के परिणाम अप्रत्याशित होंगे

24hnbc.com
बिलासपुर, 12 मई 2024।
लगभग दो दशक से अधिक समय बीत चुका छत्तीसगढ़ की लोकसभा सीटों पर कांग्रेस ने जीत का स्वाद नहीं चखा है पर इस बार 4 जून 2024 के दिन छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के परिणाम अप्रत्याशित होने वाले हैं। सबसे बड़ा चौंकाने वाला परिणाम राजधानी रायपुर से निकल रहा है। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता इस बार लोकसभा चुनाव हारने जा रहे हैं। मध्य प्रदेश के वक्त से विधानसभा चुनाव जीतने का रिकॉर्ड उनके नाम है पर इस बार अप्रत्याशित होने जा रहा है। प्रदेश में भाजपा जहां-जहां चुनाव जीत रही है उनमें दुर्ग, महासमुंद, कांकेर, रायगढ़, जांजगीर या कोरबा शेष स्थान रायपुर, बस्तर, बिलासपुर, सरगुजा और राजनांदगांव इन लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के लिए खुशखबरी आने वाली है। हार जीत के कारणों की तरफ जाएं तो कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन के पीछे कांग्रेस से ज्यादा भाजपा की अंदरूनी राजनीति कारण है। 
सबसे पहले रायपुर जो छत्तीसगढ़ को छोड़ना ही नहीं चाहता उसे दिल्ली का टिकट दिया जा रहा है। भाजपा की राजनीति में ऐसी कौन तकते हैं जो राजधानी से बृजमोहन की विदाई चाहती है। सूत्र नहीं इस लोकसभा क्षेत्र में जिन लोगों ने भी भाजपा का चश्मा उतार कर घुमा होगा वे समझ गए होंगे कि मोहन भैया के अनन्य समर्थक भी किस तरह उदासीन होकर दिखावे का नाटक कर रहे थे। 
कोरबा में अंत तक भाजपा के बड़े नेता एकमत नहीं हो पाए। बिलासपुर में भाजपा के दिग्गज नेता अपने निजी जलसों में अपनी छवि इतनी बड़ी बना रहे थे कि तोखन साहू की छवि थोड़ी भी नहीं बन पाई। पूरे शहर में केवल और केवल नरेंद्र दामोदरदास मोदी के चेहरे के बड़े पोस्टर छोटे पोस्ट में भी केवल मोदी और मोदी, मोदी और मोदी दिखाई दिए। बिलासपुर लोकसभा में आम मतदाता के बीच बिलासपुर विरुद्ध मुंगेली तो था ही यही समीकरण बिलासपुर के नेताओं के बीच भी था। तो मुंगेली के नेता ही जीत सकते हो तो बिलासपुर को हरा दे। बस्तर 2019 में भी कांग्रेस ने जीता था और प्रत्याशी बदलने के बाद इस सीट पर कवासी लखमा जीतने की स्थिति में पहुंच गए।
लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा के जो उपचुनाव होंगे वे कांग्रेसी विधायकों की सीट पर ज्यादा होंगे। और एक बार फिर से विष्णु साय का नेतृत्व की परीक्षा होगी जो कांग्रेस के लिए संजीवनी बन सकती है।