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मुखर होकर बोले पूर्व शहर विधायक

सांसदों के निलंबन के विरोध में इंडिया का पहला धरना

24hnbc.com
बिलासपुर, 22 दिसंबर 2023।
3 दिसंबर मतगणना परिणाम के बाद 22 दिसंबर के दिन आज कांग्रेस का पहला धरना प्रदर्शन था यह धरना प्रदर्शन एआईसीसी के निर्देश पर हुआ। संख्या बल में बेहद चिंतनीय स्थिति के साथ मात्र 100 की संख्या से अधिक धरना प्रदर्शन के समय चार घंटे में एक बार भी इस संख्या ने सैकड़ा पर नहीं किया। धरना स्थल पर अपने भाषण में भी और मीडिया में दिए गए वक्तव्य में भी सबसे ज्यादा पूर्व विधायक शैलेश पांडे ही बोले। उन्होंने एक तरफ केंद्र की भाजपा सरकार और उनके सदन संचालक को लेकर तीखी आलोचना की वही प्रदेश सरकार के कार्यकलाप पर भी बोला 146 सांसदों के निलंबन के बाद पास किए गए तीन विधेयक जो सीधे आम आदमी की जिंदगी से वास्ता रखते हैं पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन करना एक अधिकार है और सरकार इसे बंद कर देना चाहती है।
नेहरू चौक का यह धरना प्रदर्शन इंडिया गठबंधन का था लिहाजा एनसीपी और आप के नेता भी इसमें शामिल हुए थे। एनसीपी की ओर से उनके प्रदेश प्रवक्ता निलेश बिसवास और संजय चौहान उपस्थित थे। आप पार्टी से भी उपस्थित दिखाई गई।
किसी भी आरोप में पुलिस हिरासत और न्यायिक हिरासत की परिभाषा को खत्म कर दिया गया। न्याय के नाम पर अत्याचार, काला कानून पास कर देना भाजपा को ही आता है। नागरिकों को योजनाओं का छलावा देना भी भाजपा की अदा है। कांग्रेस के इस धरना प्रदर्शन में कई बड़े नेताओं की अनुपस्थिति दिखाई दी निगम के पार्षद बड़ी संख्या में नहीं आए वहीं जीते हुए दो विधायक मस्तूरी और कोटा की अनुपस्थिति रही। जिला ग्रामीण अध्यक्ष और शहर अध्यक्ष आरसे बाद सार्वजनिक जीवन में दिखाई दिए। संगठनात्मक स्तर पर जब तक बड़ी सर्जरी नहीं होती कांग्रेस के अंदर प्राण वायु का संचार नहीं हो सकता। साथ ही अब कांग्रेस के नेताओं को अपने अन्य साथी राजनीतिक दलों से भी संवाद रखना पड़ेगा तभी विरोध प्रदर्शनों में बेहतर उपस्थित दर्ज हो पाएगी।