लो हो गया मंत्रिमंडल गठन बजाओ थाली
बंद मुट्ठी लाख की अब खुल गई ------
- By 24hnbc --
- Thursday, 21 Dec, 2023
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बिलासपुर, 22 दिसंबर 2023।
खरमास में हो ही गई 9 मंत्रियों की शपथ शाम तक विभाग भी बट ही जाएंगे। 9 विधायकों को मंत्री बनने का मौका मिला इसमें बृजमोहन अग्रवाल, राम विचार नेताम, दयाल दास बघेल, केदार कश्यप पूर्व में भी मंत्री रह चुके हैं। अन्य नाम लखन लाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओपी चौधरी, लक्ष्मी राजवाड़े और टंग राम वर्मा मुख्यमंत्री सहित दो उप मुख्यमंत्री और नौ मंत्री को वर्गों में बांटे तो सामान्य से दो एक मंत्री एक डिप्टी सीएम, ओबीसी से पांच मंत्री एक डिप्टी सीएम, एससी से केवल एक दयाल दास बघेल और एसटी से मुख्यमंत्री के अतिरिक्त दो क्या यह समीकरण संतुलन की राजनीति की ओर इशारा करता है नहीं ......
महिला कोटे से दो कद्दावर नाम लता उसेंडी और रेणुका सिंह के स्थान पर लक्ष्मी राजवाड़े का चयन संकेत देता है कि महिला बाल विकास मंत्रालय यदि नहीं होता तो महिला को लिया ही नहीं जाता। विधानसभा चुनाव में एसटी मतदाताओं ने भाजपा की झोली भरी पर सीएम के अतिरिक्त कोई विशेष रियायत एसटी वर्ग को नहीं मिली लगता है घर वापसी अभियान तेजी से चलेगा। ओबीसी की राजनीति का पाल्डा भारी है। जबकि एससी के कोटे में एक ही मंत्रिमंडल पद आया इन समीकरणों से हटकर बिलासपुर जिसे प्रदेश का दूसरा सर्वाधिक महत्व पूर्ण शहर या जिला का दर्जा दिया जाता है। झुनझुना साबित हो गया है। बिलासपुर संसदीय सीट से डिप्टी सीएम अरूण साव माना जाए तो उनकी विधानसभा मुंगेली जिला में आती है अब यह बिलासपुर का प्रतिनिधित्व कैसे मान जाए। 2018 कांग्रेस सरकार ने बिलासपुर को उपेक्षा देकर जांचा की यहां के आम नागरिक इस कहां तक कहते हैं। सहनशक्ति की जांच का परिणाम लगातार दूसरी बार शहर को उपेक्षा का दंश सहना पड़ा। पूर्व कांग्रेस विधायक के साथ जैसा व्यवहार हो रहा था भाजपाइयों ने उसे पर खूब मजाक बनाया अब वही उनका दर्द बन गया। जिसे भाजपा का कद्दावर नेता कहा जाता था भैया के भक्त कहते नहीं थकते थे कि भैया को तो प्रधानमंत्री तक जानते हैं ऐसे में मंत्रिमंडल में उनका नाम काट ही नहीं सकता। अब ऐसी जुबान चुप है मंत्रिमंडल गठन पर स्थानीय कांग्रेस नेता कुछ नहीं बोलना चाहते कारण कुछ बोलने के पहले अपनी हार पर भी बोलना पड़ेगा।शो चुप रहने में ही भलाई है।


