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सर्वोच्च की अदालत के आदेश को आधार बनाकर राज्य सरकार क्यों नहीं करती रिव्यू पिटिशन

आईसीडीसी के संदिग्ध समव्यवहार के कारण कब्जाधारी कैसे बन गए भूस्वामी

24hnbc.com
बिलासपुर,1 मई 2026।
देश के सर्वोच्च अदालत ने चर्च ऑफ साउथ ईस्ट ट्रस्ट एसोसिएशन की भूमि बिक्री में कथित फर्जीवाड़े पर एक बड़ा आदेश दिया। सर्वोच्च अदालत ने आंध्र प्रदेश के उच्च न्यायालय द्वारा आपराधिक कार्यवाही रद्द करने के आदेश को खारिज करते हुए कहा कि मामला गंभीर प्रवृत्ति का है और पूरी जांच व ट्रायल होना चाहिए, चर्च ट्रस्ट की जमीन जनहित की संपत्ति है और इसके साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जा सकती। सर्वोच्च अदालत के इस आदेश के बाद छत्तीसगढ़ विशेष कर बिलासपुर, रायपुर, जीपीएम, मुंगेली, बैतलपुर में चर्च की संपत्तियों की बिक्री की जांच होनी चाहिए। सबसे चर्चित मामला नजूल सीट नंबर 14 चाटापारा प्लॉट नंबर 20 के भटकन वाले जमीन जिस पर शहर का चर्चित अस्पताल जेकमेन मेमोरियल हुआ करता था और इसी संस्था के द्वारा नजूल सीट नंबर चार प्लॉट नंबर 85 के बटन कान बेचे गए। सीट नंबर 14 मिशन रोड पर स्थित है और सीट नंबर चार मंदिर चौक, इंदु चौक के बीच में स्थित है सर्वोच्च न्यायालय का आदेश यदि आज बिलासपुर में फॉलो किया जाए तो इन दोनों बेशकीमती भूखंडों को खरीदने वाला अग्रवाल परिवार पूरी तरह बेदखल किया जा सकता है। यहां तो आईसीडीसी ने हद कर दी जिस जमीन को स्वतंत्र भारत के प्रारंभिक दिनों में फादर जोनाथन ने₹40 स्क्वायर फीट पर बेचा था इस जमीन को 2018 में फिर से मंदिर चौक पर ₹50 स्क्वायर फीट में बेच दिया गया अर्थात 50 साल बाद भी भूमि की कीमत सिर्फ ₹10 स्क्वायर फीट का अंतर आया। कुछ दिन पूर्व ही सीट नंबर चार प्लाट नंबर 85 का बटन कान का मामला नगर पालिक निगम द्वारा अवैध मकान तोड़ने के बाद कब्जाधारी ने उच्च न्यायालय में दाखिल किया यह डब्लूपीसी 2169/25 है। सिंगल बेंच का स्पष्ट आदेश है कि स्टेटस को यथा स्थिति इस आदेश के बावजूद कब्जाधारी विवादित स्थल पर स्थाई निर्माण करता रहा। कब्जाधारी को स्वयं भरोसा नहीं है कि वो जीतेगा इसलिए विवाह घर का निर्माण अस्थाई रूप से हो रहा है। इस निर्माण पर एक बार फिर नगर पालिक निगम ने तालाबंदी की है।
 पर हमारा मूल प्रश्न यही है कि जब सीट नंबर 14 में जेकमेन मेमोरियल अस्पताल की लीज रद्द हुई तो इस मूल भूखंडों के बट अंकन की संपत्ति पर स्थित यूनिटी अस्पताल और ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल के भूखंडों के मालिक का लीज नवीनीकरण कैसे हुआ और सीट नंबर चार जिस पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का एक अनोखा फैसला जिसके आधार कब्जाधारी प्रकरण को जीत गए और आईसीडीसी ने प्रावधानों के विरुद्ध जाते हुए कोर्ट में समझौता किया उसे मामले में शासन को सर्वोच्च अदालत द्वारा हाल ही में दिए गए आदेश के आधार पर रिव्यू पिटिशन करना चाहिए। और इस पूरी 10000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को राजसाथ करना चाहिए।