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मस्तूरी दर्रीघाट की गजब कहानी

व्यवहार न्यायालय से भूमि हुई शून्य, एक ही विक्रय पत्र के आधार पर दो बार हुआ नामांतरण

24hnbc.com 
बिलासपुर , 6 जून 2025। 
दर्रीघाट पटवारी हल्का नंबर 25 में खसरा नंबर 22/15 में से 22/39, 22/40 और 22/30 बर के छाते है। इसी में से एक खसरे पर अब फिर से विवाद प्रारंभ हो गया। राजस्व इतिहास 1982 से इस खसरों में कोर्ट कचहरी चल रही है।
पहले तहसीलदार के कोर्ट में फिर एसडीएम, कमिश्नर, राजस्व मंडल और सबसे मुख्य सिविल कोर्ट, सिविल कोर्ट का व्यवहारवाद क्रमांक 80 ए 2017 है। इस प्रकरण में आदेश 29 जुलाई 2024 की कंडीका तीन रहती है कि प्रतिवादि गण को उक्त में विधि के समयक अनुक्रम से अन्यथा किसी भी प्रकार से हस्तक्षेप करने से स्थाई रूप से निषेधित किया जाता है। मामला वर्तमान में राजस्व मंडल भी चल रहा है। अंतरिम आदेश कहता है उक्त भूमि विलोपित है एक विक्रय पत्र के आधार पर दो बार हुए नामांतरण आदेश को चुनौती दी गई है।
पुनरअवलोकन याचिका सुनवाई हेतु ग्राह की जाती है। अधीनस्थ न्यायालयों में अभिलेख मंगायें जाए यह आदेश 6 मार्च 2025 को राजस्व मंडल अध्यक्ष ने दिया हैं। ऐसे में कुछ प्रभावशाली लोग इन्हीं खसरों में सीमांकन का प्रयास कर रहे है। 
मस्तूरी तहसीलदार का कहना है कि उनके समक्ष आवेदन पत्र लंबित है और आगे की कार्यवाही नहीं हुई है। जबकि सूत्र बताते हैं कि उक्त खसरों में से कुछ पर बेदखली होना प्रस्तावित है।