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खाड़ी की आड़ में मुनाफाखोरों की चांदी

हाय महंगाई तू कहां से आई

24hnbc.com
बिलासपुर, 16 मार्च 2026। 
खाद्य तेल का कड़ी युद्ध से क्या संबंध हो सकता है पर बाजार में एक हफ्ते के भीतर खाद्य तेल प्रति टीन ₹300 उछाल मार चुका है। 2210 रुपए प्रति टीन वाला तेल 2410 रुपए टच कर रहा है। कहते हैं कि नवरात्रि में इसके दाम और बढ़ाने के आसार हैं। केवल सोयाबीन ही नहीं, पाम तेल, राइस ब्रांड में भी तेजी देखी जा रही है। पाम तेल के कीमतों में होली पूर्व ही उछाल आ गया था। कहते हैं कि नमकीन बनाने में सबसे मुफीद तेल पाम तेल है। अन्य तेल से बना नमकीन 7 दिन के भीतर ही हीक करने लगता है जबकि पाम तेल का नमकीन 1 महीने से ज्यादा टिकता है। घर की रसोई में लगने वाला तेल का पैकेट दो तरफा वार कर रहा है। एक तरफ प्रति पैकेट रेट बढ़ रहा है दूसरी तरफ पैकेट के भीतर मात्रा कम होती जा रही है। 910 ग्राम अब स्वतंत्रता पूर्व की बात है अभी एक पैकेट का नाप 750 ग्राम का हो गया है। 
स्थानीय प्रशासन को गैस टंकी पर पीसी और वक्तव्य के अतिरिक्त कोई लेना देना नहीं है। राज्य सरकार के अधीन दो विभाग ऐसे हैं जो कीमतों को नियंत्रित कर सकते हैं पर दोनों विभाग के अफसर केवल एसी दफ्तर में ठंडी हवा खाने के अलावा केवल ऊपरी कमाई में लगे हैं। ऐसे में आम जनता किस उम्मीद रखें। कांग्रेस और उनके अनुषंगी संगठन को केवल गैस की ब्लैक मार्केटिंग दिख रही है जबकि बाजार में, खाद्य तेल, मैदा, सूजी, बेसन, दाल के दामों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है।