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घोटालेबाज विभाग का मंत्री निरीह ही क्यों.....
- By 24hnbc --
- Sunday, 09 Jul, 2023
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बिलासपुर, 10 जुलाई 2023। जब कभी अवैध शराब शीर्षक लिखकर खबर चली तो पहली आपत्ति सरकार के आबकारी विभाग को ही होती थी वे भरपूर घमंड के साथ ऐसा लिखने वाले पत्रकार को बताते थे शराब जो पकड़ी जा रही है या बेची जा रही है वह अवैध नहीं होती..... आज जब तीन डिस्टलरी और आधा दर्जन से ज्यादा अधिकारियों को नोटिस हुआ तो नोटिस के विषय में ही लिखा है वित्तीय वर्ष 2019- 20 से 2022- 23 की अवधि में अवैध मदिरा की निकासी के संबंध में जिसका सीधा अर्थ है कि डिस्टलरी और विभाग के बीच ऐसी शराब का धंधा हो रहा है जिस पर शुल्क जमा नहीं किया गया। यदि शुल्क की जगह ड्यूटी लिखा जाएगा तो उसे लोग शासकीय सेवा मान लेंगे। अवैध शराब आपका जो कारोबार पूरे छत्तीसगढ़ में चल रहा है उसकी मूल जड़ बिलासपुर है क्योंकि जिन तीन डिस्टलरी को नोटिस हुआ है उसमें से दो वेलकम डिस्टलरी ग्राम ठेलकाबांधा जिला बिलासपुर और भाटिया वाइन मर्चेंट ग्राम धूमा जिला मुंगेली बिलासपुर संभाग में आती है और ऐसा माना जाता है की बिलासपुर जिले का आबकारी अमला शराब घोटालों का पुराना जानकार है। और इस गैरकानूनी तौर तरीकों पर उसकी पीएचडी है। पीएचडी मध्यप्रदेश के समय की है। असल में नोटिस और उसका जवाब किसी बड़े संकट से बचने का दाव माना जा रहा है। आबकारी आयुक्त के हस्ताक्षर से यह नोटिस 6 जुलाई को निकाला गया और 10 तारीख को 11:00 बजे जवाब देने का आदेश है। नोटिस दो अलग-अलग स्वरूप में है डिस्टलरी को जो नोटिस जारी हुआ है उसमें कहा गया है कि आप के द्वारा किया गया कृत्य छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 यथा संशोधित और उसके अंतर्गत निर्मित नियमों का प्रावधानों का उल्लंघन होकर दंडनीय है जबकि शासकीय नौकरी करने वाले 15 अधिकारियों को जो नोटिस दिया गया है उसमें कहा गया है कि उनकी यह लापरवाही छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 नियम (1) (2) के प्रतिकूल है। नोटिस 6 तारीख को निकला इसके बाद ही भारतीय जनता पार्टी के सभी नेता छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार पर तमाम तरीके के आरोप लगा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में जो भी राजनीतिक दल सक्रिय है वह आबकारी घोटाले को आरोपों का प्रमुख हथियार बना रहा है यहां पर यह ध्यान देने योग्य बात है कि जिस विभाग का घोटाला होता है उस विभाग का मंत्री प्रशासनिक पकड़ की दृष्टि से बेहद कमजोर आंका जाता है।
डॉक्टर रमन के कार्यकाल में हुआ धान घोटाला और उसके विभागीय मंत्री की प्रशासनिक क्षमता को सब जानते थे। इसी तरह मुख्यमंत्री बघेल के शासनकाल में जारी आबकारी घोटाला और उस विभाग के मंत्री की प्रशासनिक क्षमता के बारे में सब जानते हैं इसका सीधा अर्थ है जिस विभाग में घोटाला करना हो उसका मंत्री सब से निरीह होता है।


