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फोर्स का बढ़ता दबाव नक्सलियों ने बदली रणनीति

24HNBC बस्तर में लगातार मुंह की खा रहे नक्सलियों ने फोर्स के बढ़ते दबाव से बौखलाकर संयुक्त मिलिट्री कमान का गठन किया है। खुफिया सूचनाओं के मुताबिक नक्सलियों ने टेक्टिकल काउंटर अफेंसिव कैंपेन (टीसीओसी) को सफल बनाने के लिए अस्थाई तौर पर दो-तीन डिवीजन के लड़ाकों को मिलाकर संयुक्त कमान बनाई है। फोर्स को उनकी तैयारी की जानकारी है और जवान अलर्ट हैं। नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देने की रणनीति बनाई गई है। आमतौर पर नक्सली बड़ा जमावड़ा नहीं करते क्योंकि इतने लोगों के रसद और अन्य इंतजाम में दिक्कत होती है, पर इस बार फोर्स ने दबाव इतना बढ़ा दिया है कि वह समझ ही नहीं पा रहे हैं कि कहां पनाह लें।दरअसल हाल के दिनों में फोर्स ने सुकमा जिले के सिलगेर, बीजापुर के तर्रेम, धरमावरम और गलगम समेत दूरदराज के ऐसे इलाकों में कैंप बनाकर नक्सलियों की नकेल कस दी है। बीजापुर में उसूर ब्लाक मुख्यालय है, लेकिन वहां नक्सलियों की दहशत इतनी हावी रही कि मुख्यालय का दफ्तर वहां से 17 किमी पहले आवापल्ली में लगता है। दो दशक के बाद पहली बार फोर्स उसूर की सड़क को खोलने में सफल हो गई है। इसी रास्ते पर गलगम में कैंप बना है। अब यह रास्ता सीधे तेलंगाना से जुड़ जाएगा। सुकमा के पालोडी, सिलगेर, कमारगुड़ा आदि जगहों पर कैंप खुलने से नक्सलियों का इलाका सिमटता जा रहा है। बीजापुर के तर्रेम से सुकमा के जगरगुंडा तक का मार्ग खुल रहा है। यह ऐसे इलाके हैं जिन्हें अब तक नक्सलियों का स्वतंत्र इलाका माना जाता था। जिन जगहों पर कैंप खुलते हैं, वहां राशन की दुकान, स्कूल, अस्पताल आदि बुनियादी सुविधाएं पहुंचने लगती हैं और ग्रामीणों का नक्सलियों से मोहभंग हो जाता है। इसी बात से नक्सली बौखलाए हुए हैं।