हाई कोर्ट ने सुरक्षित रखा था फैसला..
सिविल जज भर्ती के मामले में सभी याचिकाएं हुई खारिज..
बिलासपुर 24 hnbc.
पीएससी द्वारा प्रश्न विलोपित करने को लेकर लगाई गई थी याचिका..
सिविल जज प्रारंभिक परीक्षा को लेकर दायर याचिका खारिज कर दी गई हैं.. सुनवाई और सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने 10 मार्च को फैसला सुरक्षित रखा था.. पीएससी ने 2020 की सिविल जज परीक्षा आयोजित की थी, इस परीक्षा के बाद आयोग ने मॉडल आंसर जारी किए बाद में पीएससी ने प्रश्न पत्र के प्रश्न क्रमांक 12 और 99 को बाद में यह कह कर डिलीट कर दिया कि.. यह गलत है.. ऐसा करने से कई अभ्यर्थियों के प्राप्तांक भी प्रभावित हुए.. इस तरह परीक्षा में शामिल एक विद्यार्थी छबिलाल साहू ने इसका विरोध करते हुए अधिवक्ता सौरभ साहू के माध्यम से एक याचिका हाईकोर्ट में पेश की.. इसमें कहा गया कि.. बाद में प्रश्नों को डिलीट करने तो जिन अभ्यर्थियों ने इसे अटेम्प्ट किया था.. उनके प्राप्त अंकों में फर्क पड़ा है इसे इनकी मुख्य परीक्षा की संभावना भी खत्म हो गई है.. प्रकरण पर जस्टिस पी सेम कोशी की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई.. पीएससी की ओर से बताया गया कि.. आयोग ने पहले ही एक्सपर्ट कमेटी को जवाबदारी दी हुई है.. एक्सपर्ट कमेटी के निर्देशानुसार ही इन दोनों प्रश्नों को बाद में विलोपित किया गया है.. इस बहस के बाद हाईकोर्ट ने पीएससी को निर्देशित किया की अगली सुनवाई में एक्सपर्ट कमेटी की वह रिपोर्ट प्रस्तुत करें, जिसमें उपरोक्त दोनों प्रश्नों को विलोपित करने के निर्देश है.. गत माह याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट किशोर भादुड़ी और एडवोकेट रोहित शर्मा की ओर से बहस पूरी हो गई.. इसके बाद एडवोकेट सौरभ साहू ने बहस की पीएससी की ओर से एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट भी पेश की गई.. 10 मार्च को हाईकोर्ट में सभी पक्षों की ओर से बहस पूरी हो गई बहस के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था.. पीएससी द्वारा पेश रिपोर्ट और परीक्षा प्रक्रिया को उपयुक्त मानते हुए हाईकोर्ट ने याचिकाओं को खारिज कर दिया है..