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पुलिस अभिरक्षा में मौत तीन लाख के मुआवजे का आदेश

 

 

कोरबा 24HNBC

पुलिस अभिरक्षा व पुलिस प्रताड़ना के कारण शब्बीर जोगी की मौत के मामले में छत्तीसगढ़ मानव अधिकार ने मृतक के स्वजनों को तीन लाख रुपये देने की अनुशंसा की है। बंजारी चौक रायपुर निवासी शिकायतकर्ता सनीबाई पति राजकुमार ने आयोग में इस आशय की शिकायत दर्ज कराई गई थी कि कोरबा में कबाड़ी का काम करने वाले उसके बेटे शब्बीर जोगी अपने परिवार का गुजर-बसर करता था। उसे कोरबा क्राइम ब्रांच के पुलिस कर्मी पूछताछ के लिए थाना लेकर गए थे। पुलिस प्रताड़ना की वजह से शब्बीर जोगी की मौत हो गई।शिकायतकर्ता के आवेदन पर आयोग ने एसपी, आइजी और कलेक्टर कोरबा से प्रतिवेदन मांगा था। पुलिस उप महानिरीक्षक (सतर्कता/मानव अधिकार सेल) पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर द्वारा आयोग को पत्र के माध्यम से जानकारी दी गई कि न्यायिक जांच रिपोर्ट के बाद संबंधित प्रकरण में दोषी कर्मियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है। संपूर्ण प्रकरण में जांच के बाद आयोग ने पाया कि शिकायतकर्ता के पुत्र शब्बीर जोगी की मौत प्रताड़ना की वजह से पुलिस अभिरक्षा में हुई थी।