24hnbc
गोल्ड लोन ने बताया मध्यम वर्ग का कपड़ा उतार चुका है
24hnbc.com
बिलासपुर, 20 अगस्त 2026।
भारत के भीतर कर्जा मार्केट की स्थिति मिडिल क्लास के पोल पट्टी खोल देती है। अखबार अर्थव्यवस्था को कितना ही मजबूत बताएं। मार्केट बूम बताएं, धनतेरस पर धन को बरसता हुआ दिखाएं पर आरबीआई की ही एक रिपोर्ट बताती है कि बाजार में आमदनी नहीं बढ़ी है खर्चे बड़े हैं और इसका परिणाम है कि गोल्ड लोन में₹517% की वृद्धि हो गई है। आंकड़ों में नंबर का कॉलम गोल्ड लोन की स्थिति बताता है। 2022 में 74738 करोड रुपए और अब 2026 में 4 लाख 61373 करोड रुपए यह बढ़ोतरी अन्य सब लोन को पीछे छोड़ते हुए 517 प्रतिशत की है जबकि होम लोन में, बढ़ोतरी 93% , एजुकेशन लोन में 82%, व्हीकल लोन में 86% हुई । गोल्ड लोन इतना ज्यादा तभी बढ़ सकता है जब मध्यम वर्ग अपने खर्चों को अपने आमदनी से पूरा नहीं कर पा रहा है। कंज्यूमर लोन की और देखें कंज्यूमर लोन से इलेक्ट्रॉनिक सामान और लाइफ स्टाइल मेंटेन होती है इसमें वृद्धि 82% की है यह लोन यह भी बताता है कि कंज्यूमर लोन लेने के बाद हटाने के लिए इसकी ईएमआई पटाने के लिए गोल्ड लोन लिया जा रहा है। भारतीय अर्थव्यवस्था का यह बिंदास डरावना पन है। कर्ज के अलावा दूसरा पक्ष बचत को इन्वेस्टमेंट करने का है और यहां पूरा खेल खराब हो चुका है। बैंक की एफडी जिसे सर्वाधिक सुरक्षित माना जाता है में 6.5% ब्याज मिलता है वह भी 5 से 10 साल की एफडी पर। और मार्केट में महंगाई की दर 4.5% सरकारी है। एफडी का ब्याज और महंगाई के बीच के बीच 1.5% का अंतर बचता है जिसे आप अपनी कमाई कह सकते हो जिस दिन एचडी मेच्योर होगी उसे दिन टीडीएस कट जाएगा तो एफडी पर कमाई शून्य हो गई। ऑप्शन क्या है म्युचुअल फंड म्युचुअल फंड में स्मॉल कैप में 8.1% कमाई हुई है और लार्ज कैप पर 3.88% तो म्युचुअल फंड की भी कलई खुल गई। शेयर मार्केट में सीधे इन्वेस्टमेंट अति जोखिम पुर्ण कार्य है तो मध्यम वर्ग जिसकी आमदनी ही इस समय संकट में है उसकी हालत सबसे ज्यादा खराब है।


